रूसी मूल की वैज्ञानिक और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता केसेनिया पेट्रोवा पर अमेरिका में मेंढक भ्रूण की तस्करी करने का आरोप लगा है। उनके वकील ने बृहस्पतिवार को अदालत से अपील की कि पेट्रोवा को लुइसियाना के हिरासत केंद्र से वापस मैसाचुसेट्स लाया जाए, जहां तीन महीने पहले उन पर केस दर्ज हुआ था।
30 वर्षीय पेट्रोवा को पहले से ही निर्वासन का सामना करना पड़ रहा है। संघीय जिला न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा बुधवार को पेट्रोवा की रिहाई पर सुनवाई की गई, जिसके बाद उन पर अमेरिका में मेंढक भ्रूण के नमूने तस्करी से लाने का आरोप लगाया गया। लुइसियाना के न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान आरोपों पर विचार किया।
पेट्रोवा के वकील ने मैसाचुसेट्स में स्थानांतरण की अपील की
पेट्रोवा के वकील ग्रेगरी रोमानोव्स्की ने कहा कि हमने पेट्रोवा के मैसाचुसेट्स में स्थानांतरण का अनुरोध किया है, जहां शिकायत दर्ज की गई थी। हमें उम्मीद है कि संघीय अधिकारी अगले कुछ सप्ताह में पेट्रोवा को मैसाचुसेट्स स्थानांतरित कर देंगे। बता दें कि अगर पेट्रोवा को दोषी ठहराया जाता है, तो उन्हें 20 साल की जेल और 250,000 डॉलर (लगभग 2.13 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना हो सकता है।
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बोस्टन हवाई अड्डे पर अधिकारियों ने की पूछताछ
पेट्रोवा फ्रांस में छुट्टियां मना रही थीं। वह वहां मेंढक भ्रूण के अति सूक्ष्म भागों को जोड़ने में विशेषज्ञता वाली एक प्रयोगशाला में रुकीं। इस दौरान पेट्रोवा ने शोध के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मेंढक भ्रूण के नमूने लिए। जब वह अमेरिका के बोस्टन लोगान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं, तो यूएस सीमा शुल्क के अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया और नमूनों के बारे में पूछताछ की।
पूछताछ के बाद अधिकारियों ने रद्द किया वीजा
पेट्रोवा ने पिछले महीने दिए एक साक्षात्कार में बताया कि उन्हें नहीं पता था कि ये चीजें कस्टम में घोषित करनी होती हैं। उन्होंने कुछ भी छिपाने की कोशिश नहीं की थी। पूछताछ के बाद, अधिकारियों ने पेट्रोवा को बताया कि उनका वीजा रद्द कर दिया गया है। पेट्रोवा के वकील रोमानोव्स्की ने कहा कि सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा अधिकारियों के पास उनका वीजा रद्द करने या उन्हें हिरासत में लेने का कोई कानूनी आधार नहीं था। उन्होंने कहा कि पेट्रोवा अमेरिका में कैंसर और बुढ़ापे पर रिसर्च कर रही थीं और उन्हें खतरा मानना गलत है।
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पेट्रोवा ने अधिकारियों से झूठ बोला: होमलैंड सिक्योरिटी विभाग
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने एक्स पर एक बयान में कहा कि पेट्रोवा ने अधिकारियों से झूठ बोला था। उन्हें देश में मादक पदार्थ लाने के बाद हिरासत में लिया गया था। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि उनके फोन में ऐसे संदेश मिले हैं, जिससे पता चलता है कि पेट्रोवा ने बिना किसी घोषणा के सीमा शुल्क के माध्यम से पदार्थों की तस्करी करने की योजना बनाई थी। वहीं, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह इस मामले पर नजर बनाए हुए है।