पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि वह शांति के लिए भारत के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। हालांकि शांति के लिए शर्तों में कश्मीर का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कामरा एयरबेस के दौरे के दौरान यह टिप्पणी की।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बृहस्पतिवार को भारत से बातचीत का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांति के लिए भारत के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। उन्होंने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कामरा एयरबेस के दौरे के दौरान यह टिप्पणी की। हालांकि, शहबाज ने यह भी कहा कि शांति की शर्तों में कश्मीर का मुद्दा भी शामिल है।
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उल्लेखनीय है कि भारत ने कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख हमेशा इसके अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं और रहेंगे।
संघर्ष विराम सहमति के बाद सैन्य ठिकाने पर दूसरा दौरा
भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू हुए, जो चार दिनों तक चले। इसके बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनी। संघर्ष को समाप्त करने के लिए बनी सहमति के बाद शहबाज शरीफ का किसी सैन्य ठिकाने पर यह दूसरा दौरा था। इस दौरान उनके साथ उप प्रधानमंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू भी एयरबेस पर मौजूद थे। इससे पहले शहबाज शरीफ ने बुधवार को सियालकोट में पसरूर छावनी का दौरा किया, जहां उन्होंने पाकिस्तानी जवानों से बातचीत की।
पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए भारत ने शुरू किया ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या का बदला लेने के लिए 6 और 7 मई की मध्यरात्रि को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी स्थलों को निशाना बनाया, जिसमें 100 से अधिक आतंकी मारे गए।
पाकिस्तान के हमलों को सैन्य बलों ने किया नाकाम
इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारत के कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया, जिन्हें सैन्य बलों ने नाकाम कर दिया। भारतीय सशस्त्र बलों ने भी जवाबी हमला करते हुए पाकिस्तान के रफीकी, मरीद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनियन समेत कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।