फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: ईरान के साथ तनाव के बीच पश्चिम एशिया में यूएस ने उतारी बड़ी सेना, सेंट्रल कमांड की पोस्ट ने बढ़ाई हलचल

Sat, 25 Apr 2026 10:09 AM IST
Nitin Gautam आईएएनएस, वॉशिंगटन

सार

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने एक पोस्ट कर पश्चिम एशिया में तैनात अपनी युद्ध क्षमता की जानकारी दी है। युद्धविराम की कोशिशों के बीच इसे अमेरिका द्वारा ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। 
विज्ञापन
अमेरिकी युद्धपोत - फोटो : एक्स/यूएस नेवी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ईरान के साथ जारी संघर्ष के चलते अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी बड़ी सेना उतारी हुई है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर पश्चिम एशिया में तैनात अपने युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों समेत सैनिकों आदि की जानकारी साझा की है। इससे साफ है कि अमेरिका, ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति बना रहा है। 
विज्ञापन


अमेरिकी सेना के कौन-कौन से हथियार पश्चिम एशिया में तैनात
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर बताया है कि उनके तीन शक्तिशाली युद्धपोत यूएसएस लिंकन, यूएसएस फोर्ड और यूएसएस बुश पश्चिम एशिया में तैनात हैं। इनके साथ 200 लड़ाकू विमान, जिनमें एफ-18 और सुपर हॉर्नेट जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं। साथ ही अमेरिका ने 18जी ग्रोलर विमान भी तैनात किए हैं, जो इलेक्ट्रोनिक वारफेयर एयरक्राफ्ट हैं। साथ ही अमेरिका ने एफ-35सी लड़ाकू विमान, हॉकआई अर्ली वार्निंग विमान, सी हॉक हेलीकॉप्टर और डिलीवरी एयरक्राफ्ट सीएमवी ओस्प्रे शामिल हैं। 

साथ ही समुद्री ताकत की बात करें तो अमेरिकी सेना ने निमित्ज क्लास और फोर्ड क्लास के एयरक्राफ्ट कैरियर समेत 12 युद्धक जहाज भी तैनात किए हैं। इनके साथ अमेरिका के 15 हजार नाविक और मरीन्स भी तैनात हैं। साल 2003 के बाद पहली बार अमेरिकी सेना ने पश्चिम एशिया में तीन युद्धपोत तैनात किए हैं। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल युद्धविराम चल रहा है। हालांकि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की नाकाबंदी की हुई है। जिससे तनाव बना हुआ है और शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं। 
विज्ञापन


ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान दौरे पर
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची इस्लामाबाद दौरे पर हैं और अमेरिका और इस्राइल के साथ तनाव खत्म करने को लेकर चर्चा करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, अराघची एक कूटनीतिक दल के साथ पाकिस्तान, ओमान और रूस का दौरा करेंगे। इन यात्राओं का उद्देश्य इन देशों के साथ आपसी मुद्दों पर बेहतर तालमेल बनाना और क्षेत्र में चल रही ताजा परिस्थितियों पर चर्चा करना है। अराघची अपनी इस यात्रा के दौरान अमेरिकी अधिकारियों से कोई बातचीत नहीं करेंगे। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान की फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत करने की कोई योजना नहीं है और इस्लामाबाद ही संपर्क माध्यम के रूप में ईरान की बात अमेरिका तक पहुंचाएगा। 
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें