अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गोपनीय दस्तावेज से जुड़े आपराधिक मामले में मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। ट्रंप इस मामले में मियामी की अदालत में पेश होने पहुंचे थे। सुनवाई के बाद उन्हें बिना शर्त कोर्ट से बाहर जाने की अनुमति दे दी गई।
गोपनीय दस्तावेज मामले में दोषी नहीं होने की दी दलील
सुनवाई के दौरान अदालत में ट्रंप ने फिर कहा कि गोपनीय दस्तावेज के मामले में वह दोषी नहीं हैं। ट्रंप ने गोपनीय दस्तावेजों के कथित छेड़छाड़ से संबंधित 37 आरोपों में दोषी नहीं होने का अनुरोध किया। ट्रंप के वकील टॉड ब्लैंच ने न्यायाधीश से कहा, हम निश्चित रूप से दोषी नहीं होने की दलील देते हैं। इससे पहले, सुनवाई का सामना करने के लिए ट्रंप दोपहर में मियामी पहुंचे और कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में ही गिरफ्तार कर लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट जज जोनाथन गुडमैन (Jonathan Goodman) ने कहा कि ट्रंप अपने सहयोगी वॉल्ट नॉटू (Walt Nautu) के साथ मामले के बारे में बात नहीं कर सकते। न्यायाधीश ने अभियोजकों को संभावित गवाहों की एक सूची तैयार करने के लिए भी कहा, जिनके साथ डोनाल्ड ट्रंप मामले के संबंध में बातचीत नहीं कर सकते। वह इन गवाहों के साथ सिर्फ वकील के जरिए बातचीत कर सकते हैं। न्यायाधीश ने प्रतिवादियों पर यात्रा प्रतिबंध नहीं लगाया।
अमेरिकी न्याय विभाग ने सुझाव दिया कि ट्रंप और नॉटू दोनों को बिना किसी बॉन्ड या विशेष शर्तों के रिहा किया जाए। सुनवाई के दौरान अभियोजक (Prosecutor) डेविड हारबैक ने कहा कि सरकार को इस बात का डर नहीं है कि आरोपी मामले की सुनवाई से भाग सकता है।
हाल के महीनों में ट्रंप की अदालत में यह दूसरी पेशी थी। इससे पहले, अप्रैल में वह न्यूयॉर्क की अदालत में पेश हुए थे। उनके खिलाफ एक पॉर्न स्टार को चुप रहने के लिए मोटी रकम देने का आरोप था। उस मामले में भी ट्रंप ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया था। बता दें कि आपराधिक मामले में संघीय जज के सामने पेश होने वाले ट्रंप अमेरिका के पहले पूर्व राष्ट्रपति हैं।
मियामी कोर्ट के बाहर समर्थकों की नारेबाजी
अदालत परिसर के बाहर ट्रंप के तमाम समर्थक इकट्ठा होकर नारेबाजी करते रहे। इनमें से कुछ ने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ लिखी बेसबॉल कैप पहन रखी थी। समर्थक राष्ट्रपति जो बाइडन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
अंगुलियों के लिए निशान भी लिए
ट्रंप गोपनीय दस्तावेज केस से जुड़े 37 मामलों का सामना करने के लिए कोर्ट पहुंचे। मियामी की अदालत में ट्रंप के फिंगर प्रिंट भी लिए गए। अधिकारियों ने ट्रंप की तस्वीर नहीं ली क्योंकि वह आसानी से पहचाने जा सकते हैं। यह प्रक्रिया करीब 10 मिनट तक चली। ट्रंप के समर्थकों की भीड़ को देखते हुए कोर्ट परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया था।
ट्रंप के सहयोगी वॉल्ट नॉटू को भी गिरफ्तार किया गया
ट्रंप के सहयोगी और सह-प्रतिवादी वॉल्ट नॉटू को भी गिरफ्तार किया गया और उनके भी फिंगरप्रिंट लिए गए और आगे की कार्रवाई की गई। नॉटू की मंगलवार को कोर्ट में प्रारंभिक पेशी हुई थी। हालांकि, उन्हें 27 जून तक पेश नहीं किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी न्याय विभाग के गोपनीय दस्तावेजों के मामले में आपराधिक आरोप 2024 के राष्ट्रपति चुनावों के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार के रूप में ट्रंप की कानूनी संकट को बढ़ा सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप पर 37 आरोप हैं। अभियोग में ट्रंप के सहयोगी वॉल्ट नॉटू पर भी आरोप लगाया गया है, जिसमें कहा गया है कि दो लोग संघीय जांच में बाधा डालने की साजिश में शामिल थे। अदालत जाने से पहले, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर लिखा, आज हमारे देश के इतिहास में सबसे दुखद दिनों में से एक है। हमारा देश पतन की ओर है!!!"
ट्रंप के पास थीं 21 गोपनीय फाइलें
आरोपपत्र के अनुसार, पिछले साल एफबीआई ने ट्रंप के पास से 337 सरकारी दस्तावेज बरामद किए थे। इनमें से 21 पर ‘टॉप सीक्रेट’ लिखा हुआ था। इसके अलावा, 9 पर सीक्रेट लिखा हुआ था।
राजनीतिक भविष्य पर भी सवालिया निशान
ट्रंप पहले ऐसे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, जिन पर केंद्र की ओर से आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों से उनके राजनीतिक भविष्य पर भी सवालिया निशान लगता नजर आ रहा है। क्योंकि वह 2024 में दोबारा राष्ट्रपति चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं।