यूनाइटेड स्टेट्स कैपिटल पुलिस ने मंगलवार को एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तारर किया, जिसके ईंधन जैसी गंध आ रही थी, उसके पास एक मशाल और एक फ्लेयर गन थी। यूएस कैपिटल पुलिस ने कहा कि फिलहाल कैपिटल विजिटर सेंटर को बंद कर दिया गया है और आगे की जांच चल रही है।
वाशिंगटन DC में कई जगहों पर बढ़ाई सुरक्षा
यह घटना तब हुई जब लाखों अमेरिकी 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के लिए मतदान करने के लिए देश भर में मतदान केंद्रों पर कतारों में खड़े थे। वहीं इससे पहले, संभावित नागरिक अशांति की तैयारी के लिए वाशिंगटन डीसी में कई जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। व्हाइट हाउस, यूएस कैपिटल और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के आवास पर एंटी-क्लाइम्ब बैरियर समेत भारी बाड़ लगाई गई थी।
फर्जी बम धमकी के कारण जॉर्जिया में रुका मतदान
प्रमुख चुनावी राज्य जॉर्जिया में कम से कम दो मतदान केंद्रों को मंगलवार को फर्जी बम धमकियों के कारण कुछ समय के लिए खाली कराया गया। राज्य के चुनाव अधिकारियों ने इन धमकियों के लिए रूसी एजेंटों को जिम्मेदार ठहराया है। ये धमकियां बाद में झूठी पाई गईं, इसके कारण जॉर्जिया के फुल्टन काउंटी में दो मतदान केंद्रों को खाली कराना पड़ा। लगभग 30 मिनट के बाद दोनों केंद्र फिर से खोल दिए गए। काउंटी ने अदालत में आवेदन किया है कि इन स्थानों के मतदान का समय राज्य के 7 बजे के समय सीमा से आगे बढ़ाया जाए। जॉर्जिया के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ब्रैड रैफेंसपर्गर ने कहा कि चुनाव दिवस पर बम धमकियों के पीछे रूस का हस्तक्षेप है।
संभावित हिंसा से बचने के लिए की गई तैयारी
व्हाइट हाउस और कैपिटल हिल के पास कई प्रतिष्ठानों ने तोड़फोड़ से बचने की उम्मीद में अपनी खिड़कियों पर बोर्ड लगा दिए थे। दरअसल 2021 में, एक भीड़ ने 6 जनवरी को यूएस कैपिटल पर धावा बोला था, जो डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन की जीत की पुष्टि करने वाली थी। उस दिन सैकड़ों ट्रंप समर्थकों ने कैपिटल पुलिस पर हमला किया था, इमारत में घुस गए थे और तोड़फोड़ की थी, जिसमें तीन पुलिस अधिकारियों और तीन दंगाइयों की मौत हो गई थी। यह हमला कथित तौर पर बाइडन को पदभार ग्रहण करने से रोकने के उद्देश्य से किया गया था और इसे विद्रोह के रूप में देखा गया था, संघीय जांच ब्यूरो ने इसे 'घरेलू आतंकवाद' करार दिया था।
डोनाल्ड ट्रंप पर लगाया गया था महाभियोग
डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने कथित तौर पर अपने समर्थकों से उस दिन कैपिटल तक मार्च करने का आग्रह किया था, पर सदन ने विद्रोह को भड़काने के लिए महाभियोग लगाया था, लेकिन बाद में सीनेट ने उन्हें बरी कर दिया। वहीं पिछले महीने, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया था कि उन्होंने शांतिपूर्ण और देशभक्तिपूर्ण तरीके से बात की थी, और उन्होंने हिंसा के लिए कोई आह्वान नहीं किया था। उन्होंने कैपिटल की सुरक्षा न बढ़ाने के लिए डेमोक्रेट नैन्सी पेलोसी को भी दोषी ठहराया था।