पेनस्लिवेनिया के अनौपचारिक नतीजे की घोषणा होते ही वाशिंगटन डीसी सहित देश के कुछ हिस्सों में डेमोक्रेट समर्थकों ने जश्न शुरू कर दिया। देशभर में बाइडन के चुनावी अभियान से जुड़े लोग जिन होटलों में रुके हैं वहां जश्न शुरू हो गया।
अमेरिकी राज्य नेवादा में मतगणना की रफ्तार बेहद धीरे होने कारण आलोचना भी हुई। बाइडन यहां ट्रंप से 20 हजार मतों से आगे चल रहे थे। दूसरी ओर, अधिकारियों का कहना है कि गलती से बचने के लिए वे तेजी नहीं करवा रहे थे। दरअसल, भारी संख्या में डाक मतपत्र पहुंचे थे। नेवादा में शनिवार देर रात क 100 प्रतिशत मतगणना हो पाई। हालांकि कुछ क्षेत्रों से शुक्रवार तक डाक मतपत्र पहुंचे थे।
नेवादा के स्टेट सेक्रेटरी जेनिफर रसल ने बताया था कि यहां मतगणना पूरी होने में 10 दिन लग सकते हैं। कोरोना की वजह से राज्य में अगस्त में कानून पारित कर नागरिकों को डाक मतपत्र भेजे गए थे।
अधिकारियों ने नहीं छोड़ी चूक की गुंजाइश
मतपत्रों पर नागरिकों के हस्ताक्षरों की भी रिकॉर्ड में दर्ज हस्ताक्षर से जांच हुई। इसके लिए मशीनों का उपयोग किया गया। जो हस्ताक्षर मिल नहीं रहे थे, उन्हें अधिकारियों ने खुद जांचा।
जॉर्जिया में चुनावकर्मी गायब होने की अफवाह
जॉर्जिया में मतपत्रों से खिलवाड़ करने का दावा करते एक चुनावकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि यह दावा अफवाह साबित हुई। चुनावकर्मी की तलाश की जा रही है, लेकिन वह अभी किसी के सामने नहीं आया है।
ट्रक भर फर्जी बैलेट पहुंचाने आए ट्रंप समर्थक गिरफ्तार
पेनस्लिवेनिया में बिना अनुमति हथियार लेकर एक ट्रक फर्जी मतपत्र पहुंचाने आए दो ट्रंप समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये एंटोनियो और जोशुआ वर्जिनिया से आए थे। लोकल प्रेस ने पुलिस के हवाले से खबर दी है कि वे एक ट्रक फर्जी मतपत्र पहुंचाने आए थे। वास्तव में इन मतपत्रों पर क्या मार्क है, इन्हें कहां देना था, यह जानकारियां अभी सामने नहीं आई हैं।
कंपनी से भेजे गए भड़काऊ भाषण
फिलाडेल्फिया में टैक्सट मैसेज भेजने वाली कंपनी पर नागिरकों के फोन नंबरों पर हजारों अनाम संदेश भेजने के आरोप लगे हैं। कंपनी ट्रंप के चुनाव अभियान अधिकारी गैरी कौबी की बताई जा रही है। इन संदेशों में लोगों को ट्रंप के समर्थन में मतगणना स्थलों पर जुटने के लिए कहा गया है। डेमोक्रेट्स पर चुनाव में धांधली करने की अफवाह फैलाई जा रही है।