अमेरिका में राष्ट्रपति अपने दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव में डेमाक्रेट उम्मीदवार जो बाइडन से अब पेंसिल्वानिया और जार्जिया जैसे रिपब्लिकन के गढ़ में पिछड़ते जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जिस तरह के मतगणना के रुझान आ रहे हैं, बाइडेन को 300 इलेक्टोरल वोट मिल सकते हैं। फिलहाल वह 264 और डोनाल्ड ट्रंप 214 इलेक्टोरल वोट पर टिके हैं और चुनाव की अधिकारिक घोषणा शेष है।
बाइडेन ने अमेरिका के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि निर्वाचित राष्ट्रपति के रूप में उनकी जिम्मेदारी पूरे अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने की होगी। उन्होंने देश की जनता में सामाजिक विभाजन के प्रवर्तकों की आलोचना की और कहा कि इस तरह का बीच बोने वालों को पीछे छोड़ देना चाहिए। उनका ईशारा साफ तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप और उनके समर्थकों की ओर था। राष्ट्रपति ट्रंप जहां चुनाव में धांधली का आरोप लगाकर अदालत जाकर कानूनी दांव-पेंच की स्थिति पैदा कर रहे हैं, वहीं उनके समर्थक अमेरिका के विभिन्न शहरों में सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
राष्ट्रपति बनने के बाद कोविड-19 संक्रमण और इससे निबटना जो बाइडन का मुख्य उद्देश्य रहेगा। बाइडन के साथ इस दौरान कमला हैरिस भी थीं। जेडी भूसरी ने कहा कि अमेरिका में कोविड-19 ने बहुत विपरीत हालात पैदा किए हैं। वहां शुक्रवार को भी एक लाख से अधिक मरीज मिले हैं। जेपी सिंह का भी कहना है कि कोविड-19 संक्रमण से निबटने की नीतियों के कारण ट्रंप प्रशासन की कड़ी आलोचना हुई है। इसलिए यह यहां के लोगों के बीच में बहुत बड़ा मुद्दा है।
ह्यूटन में जेपी सिंह रहते हैं। जेपी का कहना है कि सत्ता में डेमोक्रेट आएं या रिपब्लिकन, भारत के साथ अमेरिका के संबंध आगे भी अच्छे ही रहेंगे। अमेरिका में करीब 40 लाख भारतीय हैं और इस बार बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों ने वहां के चुनाव में सफलता पाई है।
विदेश सेवा के एक पूर्व अधिकारी का परिवार अमेरिका में है। वह भी टेक्सास में हैं। सूत्र का कहना है कि जो बाइडन अमेरिका को नई दिशा देंगे। आम जनता में जो बाइडेन का लगातार क्रेज बढ़ रहा है। इसके सामानांतर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छवि पिछले कुछ महीने में फिर खराब हुई है।
जो बाइडन, कमला हैरिस, पूर्व राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा समेत तमाम बड़े नेताओं का मुख्य ध्यान अभी अमेरिका में चुनाव की अधिकारिक घोषणा से पहले वातावरण को अनुकूल बनाने पर टिका है। जेडी भूसरी बताते हैं कि सड़कों पर जिस तरह से लोगों का रह-रहकर हुजूम दिखाई पड़ रहा है या फिर राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थकों की आक्रमकता दिखाई दे रही है, उससे चुनाव के नतीजे विपरीत आने पर हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए जो बाइडन ने कमला हैरिस के साथ लोगों को संबोधित करके अपनी जिम्मेदारी निभाई है। भूसरी का कहना है कि आम तौर पर यह संबोधन नव निर्वाचित राष्ट्रपति देते हैं, लेकिन परिस्थितियों ने जो बाइडन को इसके लिए मजबूर किया है।