हालांकि, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और बिल क्लिंटन से तुलना करें दो भारतीय-अमेरिकी नागरिकों की संख्या काफी कम है। कई ऐसे लोगों का नाम इस सूची से गायब है जो पारंपरिक तरीके से डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों के सहायता मुहैया कराते आए हैं। ऐसे नागरिकों में होटल व्यवसायी संत चटवाल जैसों का नाम बिडेन की इस सूची में नहीं है।
दि वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, दानदाताओं की इस सूची में डेमोक्रेटिक राजनीति के समर्थक, कई पूर्व और वर्तमान गवर्नर, सीनेटर, कैबिनेट सचिव और हॉलीवुड के कई बड़े नाम शामिल हैं। फिल्म निर्माता जेफरी काजेनबर्ग, लेखक और निर्देशक ली डेनियल्स, लिंक्डइन के सह संस्थापक रीड हॉफमैन, मीडिया मुगल हईम सबान और पूर्व अमेरिकी वित्त सचिव पेनी प्रित्जकर का नाम भी इस सूची में है।
सीएनएन के अनुसार, बिडेन, राष्ट्रपति पद के पहले ऐसे प्रत्याशी बनने की ओर हैं जिसने दो साल के चक्र में दाताओं से एक बिलियन डॉलर जुटाए हैं। बता दें कि केवल अगस्त और सितंबर में बिडेन ने 700 मिलियन डॉलर से ज्यादा की राशि जुटाई है। जो बिडेन और उनकी रनिंग मेट कमला हैरिस, रिपब्लिकन प्रत्याशी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रनिंग मेट माइक पेंस को चुनौती दे रहे हैं।
उधर, जो बिडेन ने कहा है कि अगर वह चुनाव जीतते हैं तो अपने कार्यकाल के पहले साल में दुनिया में ‘बढ़ते अधिपत्यवाद’ से मुकाबले के लिए, लोकतंत्रों का एक वैश्विक सम्मेलन बुलाएंगे और चुनाव सुरक्षा तथा मानवाधिकारों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। बिडेन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दुनिया के हर निरंकुश शासक को ‘गले लगाने’ का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे अमेरिका की विश्वसनीयता कम हुई है।
पूर्व उप राष्ट्रपति ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा, ‘एक चीज जिसने हमें बहुत बुरी तरह आहत किया है वह है कि इस राष्ट्रपति ने दुनिया के हर ठग और निरंकुश शासक को गले लगाया है और इससे हमारी विश्वसनीयता कम हुई है।’ वहीं, चीन के प्रति ट्रंप की नीतियों की आलोचना करते हुए बिडेन ने कहा, ‘ट्रंप ने हर बार चीनी नेताओं से मेलजोल बढ़ाया। ट्रंप ने उन्हें लाखों चीनी उइगरों को बंदी शिविरों में रखने की हरी झंडी दी।’