अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के नतीजे आने में हफ्तों या महीनों लग सकते हैं। दरअसल, इस बार अमेरिका में चुनाव मेल-इन बैलट्स से हो रहे हैं।
अमेरिका में इस बात की चिंता है कि डाकघर और स्थानीय चुनाव निकायों में मेल-इन बैलट्स की संख्या में वृद्धि हो सकती है। ट्रंप ने इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए कहा कि चुनाव की रात को आने वाले नतीजों में इस बार देरी हो सकती है।
ट्रंप ने काउंसिल ऑफ नेशनल पॉलिसी में दिए गए भाषण के दौरान कहा, तीन नवंबर को चुनाव की गणना नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा, आप इस चुनाव का अंत जानने में सक्षम नहीं हो पाएंगे। मेरी राय में ऐसा हफ्तों, महीनों और शायद कभी नहीं हो पाएगा।
यह भी पढ़ें: डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन का क्यों बढ़ रहा भारत प्रेम? जानें अमेरिकी चुनावों में भारतीय समुदाय का प्रभाव
मेल द्वारा डाले जाने वाले अपेक्षित पांच करोड़ वोटों की धीमी गिनती की संभावना ने राजनीतिक उथल-पुथल को जन्म दिया है। लोगों के बीच चिंता है कि इससे चुनाव प्रभावित हो सकते हैं। इन सब के कारण परिणाम आने में देरी हो सकती है।
ट्रंप ने कहा, हम पांच करोड़ बैलेट्स के लिए तैयार नहीं हैं। यह देश के लिए एक बड़ी शर्मिंदगी होगी। लोकतंत्र के लिए यह बहुत गंभीर समस्या है। बुधवार को चुनाव सुरक्षा के लिए एक शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता तीन नवंबर के चुनाव के अगले दिन वोटों की संभावित गिनती में बाहरी हस्तक्षेप को लेकर है।
राष्ट्रीय प्रतिवाद और सुरक्षा केंद्र के निदेशक बिल इवानिना ने कहा, मैं चुनाव के दिन को लेकर चिंतित हूं। उन्होंने कहा कि बाहरी लोग वोट देने, गिनने और संचारित करने के लिए बुनियादी ढांचे के खिलाफ रैंसमवेयर और अन्य साइबर हमले का उपयोग कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, हमें एक राष्ट्र के रूप में तैयार रहने की आवश्यकता है कि चुनाव के नतीजे 3 नवंबर को नहीं आएंगे। मैं रैंसमवेयर हमलों से चिंतित हूं। मैं साइबर हमले से चिंतित हूं। मैं साइबर प्रवेश और रैंसमवेयर के कारण लोगों की वोट देने की अक्षमता से चिंतित हूं।