अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका की ताकत और नियंत्रण को मजबूती से पेश किया। उन्होंने ओबामा के परमाणु समझौते को सबसे बुरा सौदा बताया और ईरान की मिसाइलों व लॉन्चरों के तेजी से नष्ट होने का दावा किया। साथ ही, एआई डेटा सेंटर और नए उद्योगों की बढ़ती ऊर्जा मांग पर कड़ा टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दी।
दुनियाभर में जहां एक ओर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर वैश्विक चिंता सातवें आसमान पर पहुंच गई है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में राउंडटेबल के दौरान इस संघर्ष से संबंधित मामलों पर बातचीत की। साथ ही अमेरिकी सेना की जमकर तारीफ भी की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। ट्रंप ने इसे 10 में से 15 रेटिंग दी और कहा कि अमेरिकी सेना ने युद्ध के शुरुआती दिनों में अपेक्षाओं से भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
ट्रंप ने ओबामा के परमाणु समझौता को लेकर क्या कहा?
वेनेजुएला के साथ तेल सहयोग और तारीफ
इसके साथ ही ट्रंप ने अपने बयान में वेनेजुएला का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के साथ सहयोग अच्छा चल रहा है। उनका कहना है कि वेनेजुएला में तेल फिर से बहने लगा है और यह अमेरिका और वेनेजुएला दोनों के लिए लाभदायक है। ट्रंप ने वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की तारीफ करते हुए कहा कि वे अच्छा काम कर रही हैं और अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ सहयोग भी बेहतर हो रहा है।
28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के कई शहरों में हवाई हमले किए थे।
इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए।
ईरान ने भी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमला किया, जिसमें अमेरिका के ठिकानों और पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों को निशाना बनाया गया।
इससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया और आम नागरिकों व प्रवासियों के लिए खतरा बढ़ा।