रूस और यूक्रेन के बीच लगभग चार साल से चल रहा संघर्ष दिन प्रतिदिन और घातक रूप लेता हुआ नजर आ रहा है। इस संघर्ष पर विराम लगाने के लिए एक ओर अमेरिका समते कई देश तैयारी में जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर रविवार को फ्लोरिडा में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ होने वाले बैठक से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना सख्त रुख दिखाया है। जेलेंस्की को लेकर कड़ा बयान देते हुए उन्होंने कहा कि जब तक वह किसी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देते, तब तक जेलेंस्की के पास कुछ भी नहीं है।
बता दें कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रविवार को फ्लोरिडा में दोनों नेताओं की मुलाकात होने वाली है। यह बैठक रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के तहत हो रही है, जो लगभग चार साल से चल रहा है। रविवार को होने वाली इस मुलाकात में जेलेंस्की ट्रंप के सामने शांति के लिए एक नया 20-सूत्रीय शांति प्लान रखने वाले हैं।
ये भी पढ़ें:- Year Ender 2025: ट्रंप की वापसी से लेकर नेपाल में ओली के तख्तापलट तक, दुनिया में 2025 के बड़े राजनीतिक बदलाव
ट्रंप के मानने पर निर्भर है यूक्रेन का भविष्य?
हालांकि ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह जेलेंस्की के प्रस्ताव को तुरंत स्वीकार करने की कोई जल्दी में नहीं हैं। उन्होंने 'पॉलिटिको’ से कहा कि जब तक मैं इसे मंजूरी नहीं देता, उनके पास कुछ भी नहीं है। देखते हैं वे क्या लेकर आते हैं। ऐसे में इन बयानों से यह साफ होता है कि यूक्रेन का भविष्य काफी हद तक ट्रंप को मनाने पर निर्भर करता है। कई बार ट्रंप ने युद्ध खत्म करने के लिए रूस के प्रति नरम रुख दिखाने के संकेत भी दिए हैं। दूसरी ओर, रूस अपने रुख से ज्यादा पीछे नहीं हटा है, जबकि अमेरिका ने जेलेंस्की पर अपनी शुरुआती मांगों से कुछ कदम पीछे हटने का दबाव बनाया है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी जेलेंस्की के साथ बैठक अच्छी रह सकती है और वह जल्द ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बात करने की उम्मीद रखते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि जेलेंस्की के साथ भी बात अच्छी होगी और पुतिन के साथ भी।
बता दें कि यह बयान ऐसे समय आया है, जब जेलेंस्की ने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर से बातचीत की थी। जेलेंस्की ने इस बातचीत को अच्छी बातचीत बताया। दूसरी ओर जेलेंस्की ने पत्रकारों से कहा कि वह यह तो नहीं कह सकते कि इस बैठक से कोई पक्का समझौता होगा या नहीं, लेकिन दोनों पक्ष कोशिश करेंगे कि “जितना हो सके उतना तय किया जाए।
ये भी पढ़ें:- ताइवान को हथियार देने पर चीन सख्त: अमेरिकी रक्षा कंपनियों पर प्रतिबंध, बीजिंग की चेतावनी- कीमत चुकानी होगी
डिमिलिट्राइज्ड जोन की भी हो सकती है बात
दावा किया जा रहा है कि जेलेंस्की की इस योजना में एक डिमिलिट्राइज्ड जोन (जहां सेना नहीं होगी) बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि बैठक में अमेरिका की ओर से यूक्रेन को मिलने वाली सुरक्षा गारंटियों पर खास बातचीत होगी। बता दें कि रविवार की यह बैठक यूरोप के सबसे बड़े संघर्ष को खत्म करने की कोशिशों का हिस्सा है। यह युद्ध फरवरी 2022 से चल रहा है और इसमें अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है।
अन्य वीडियो