वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई और अपदस्थ राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में बड़ा मोड़ आया है। व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिका ने वेनेजुएला के कच्चे तेल और उत्पादों को वैश्विक बाजार में ले जाने और बेचने के लिए कुछ प्रतिबंधों में छूट दी है। यह कदम दोनों देशों के व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए उठाया गया है।
वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई और फिर अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस की गिरफ्तारी को लेकर जहां एक ओर दुनियाभर में चर्चा तेज है। वहीं दूसरी ओर अब अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में तेल और व्यापार को लेकर एक बड़ा और निर्णायक मोड़ आया है। इस बात की जानकारी व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला के कच्चे तेल और तेल उत्पादों को वैश्विक बाजार में ले जाने और बेचने की सुविधा के लिए कुछ प्रतिबंधों में छूट दी है। उन्होंने बताया कि यह कदम व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए उठाया गया है।
दोनों देशों को होगा फायदा
लेविट के मुताबिक ऊर्जा सचिव क्रिस राइट और अमेरिकी ऊर्जा विभाग, वेनेजुएला की अंतरिम सरकार और निजी तेल कंपनियों के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक ऊर्जा समझौते को लागू कर रहे हैं। व्हाइट हाउस का कहना है कि इस डील से न सिर्फ अमेरिका की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा और दोनों देशों में सुरक्षा व समृद्धि बढ़ेगी।
लेविट बोलीं- वेनेजुएला को मिलेगा आर्थिक सहारा
लेविट ने इस समझौते को केवल व्यापार नहीं बल्कि रणनीतिक फैसला बताया, क्योंकि इससे अमेरिका की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी और वेनेजुएला की आर्थिक हालत को सहारा मिलेगा। व्हाइट हाउस का कहना है कि लंबे समय से प्रतिबंधों के कारण वेनेजुएला का तेल जहाजों और भंडारण टैंकों में यूं ही पड़ा था और अब उसी तेल को इस्तेमाल में लाया जा रहा है।
वेनेजुएला को अमेरिका से कितना तेल मिलेगा?
इसके अलावा, लेटिव वेनेजुएला से तेल की प्राप्ति के बारे में कहा कि अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल तेल मिलने वाला है। यह तेल पहले अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से जहाजों और भंडारण में पड़ा हुआ था। वेनेजुएला की अंतरिम सरकार ने इसे अमेरिका को सौंपने पर सहमति दी है और यह जल्दी ही अमेरिका में पहुंच जाएगा। अमेरिकी सरकार पहले ही इस वेनेजुएला कच्चे तेल को वैश्विक बाजार में बेचने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है।
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ग्रीनलैंड को लेकर भी बोलीं लेविट
इसके साथ ही लेविट ने कहा कि अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड के अधिग्रहण का विचार नया नहीं है। यह सोच 1800 के दशक से अमेरिकी नेताओं के बीच मौजूद रही है और इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए फायदेमंद माना जाता रहा है। लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा है कि यह कदम अमेरिकी हितों के लिए जरूरी है ताकि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की गतिविधियों को रोका जा सके। फिलहाल उनकी टीम इस संभावित खरीद पर बातचीत कर रही है।