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US: गर्भपात की दवा तक पहुंच को प्रतिबंधित करने का मामला, ट्रंप प्रशासन ने जज से मुकदमा खारिज करने को कहा

Tue, 06 May 2025 08:43 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

ट्रंप ने पिछले साल चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि उन्होंने मिफेप्रिस्टोन पर प्रतिबंध लगाने या उस तक पहुंच को सीमित करने की योजना नहीं बनाई है।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI
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विस्तार
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ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को गर्भपात की दवा मिफेप्रिस्टोन तक पहुंच को आसान बनाने वाले अमेरिकी नियमों का का बचाव किया है। इन नियमों को पिछली बाइडन सरकार में कानूनी तौर पर चुनौती दी गई थी। अब अमेरिका के न्याय विभाग ने टेक्सास संघीय अदालत के जज से अपील की है कि वे तीन रिपब्लकिन प्रशासित राज्यों द्वारा दायर मुकदमे को खारिज कर दें। हालांकि दाखिल दस्तावेज में राज्यों के मामले के गुण-दोष पर चर्चा नहीं की गई है, लेकिन यह सुझाव दिया है कि ट्रंप प्रशासन मिफेप्रिस्टोन के सरकारी बचाव को छोड़ने की जल्दी में नहीं है।
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राज्यों ने लगाए हैं ये आरोप
गौरतलब है कि मिफेप्रिस्टोन का इस्तेमाल अमेरिका में 60% से अधिक गर्भपात के मामलों में किया जाता है। मिसौरी, कंसास और इदाहो का दावा है कि यू.एस.फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मिफेप्रिस्टोन पर प्रतिबंधों में ढील देकर गलत तरीके से काम किया है। एफडीए ने मिफेप्रिस्टोन को टेलीमेडिसिन द्वारा निर्धारित करने और इसे मेल द्वारा वितरित करने की अनुमति देना शामिल है। ट्रंप ने पिछले साल चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि उन्होंने मिफेप्रिस्टोन पर प्रतिबंध लगाने या उस तक पहुंच को सीमित करने की योजना नहीं बनाई है। स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने फरवरी में बताया कि ट्रंप ने गर्भपात की गोलियों की सुरक्षा पर एक अध्ययन करने के लिए कहा है और उन पर प्रतिबंधों को कड़ा करने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है।

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पिछले साल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात विरोधी समूहों और डॉक्टरों द्वारा दवा तक पहुंच को प्रतिबंधित करने की कोशिश को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि उनके पास FDA नियमों को चुनौती देने के लिए कानूनी आधार नहीं है। सोमवार की फाइलिंग में, सरकारी वकीलों ने अपनी दलीलें दोहराईं कि टेक्सास मुकदमे के लिए उचित स्थान नहीं है और राज्यों के पास मुकदमा करने का आधार नहीं है क्योंकि उन्हें चुनौती दिए गए नियमों से कोई नुकसान नहीं हो रहा है।

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