न्याय विभाग की स्वीकृति के बावजूद, यह तय करने में हफ्तों या महीनों की कानूनी मशक्कत लग सकती है कि क्या जारी किया जा सकता है और गवाहों और पीड़ितों की अन्य संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा कैसे की जा सकती है।
अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने एपस्टीन मामले में ग्रैंड ज्यूरी द्वारा ट्रांसक्रिप्ट दस्तावेजों को जारी करने की अपील की है, लेकिन न्याय विभाग की फाइलों को रोकने का फैसला किया है। यूरोन्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर के बाद यह फैसला किया गया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि ट्रंप ने साल 2003 में कुख्यात यौन तस्कर जेफ्री एपस्टीन के 50वें जन्मदिन पर अश्लील पत्र लिखा था।
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गुप्त तरीके से हो सकती है सुनवाई
न्याय विभाग ने संघीय अदालत से अपील की कि वे दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं, जो जेफ्री एपस्टीन से जुड़े हैं। ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को ये अपील की थी। हालांकि न्याय विभाग इस मामले से जुड़े उन हजारों पन्नों को सार्वजनिक नहीं करेगा जिन्हें सार्वजनिक करने के लिए किसी मंजूरी या औपचारिक प्रक्रिया की जरूरत नहीं है। ग्रैंड ज्यूरी तय करेगी कि क्या अभियोग या आपराधिक कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं या नहीं और क्या मामले पर सुनवाई गुप्त तरीके से होनी चाहिए ताकि गवाही देने से लोग न झिझकें।
दस्तावेज सार्वजनिक होने में लग सकता है समय
न्याय विभाग की स्वीकृति के बावजूद, यह तय करने में हफ्तों या महीनों की कानूनी मशक्कत लग सकती है कि क्या जारी किया जा सकता है और गवाहों और पीड़ितों की अन्य संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा कैसे की जा सकती है। ग्रैंड जूरी की प्रतिलिपियां, जिनमें गवाही और अभियोजकों द्वारा प्रस्तुत अन्य साक्ष्य शामिल हो सकते हैं, अदालतों द्वारा औमतौर पर जारी नहीं किए जाते हैं, जब तक कि उन्हें किसी न्यायिक कार्यवाही के संबंध में प्रकट करने की आवश्यकता न हो।