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'व्यापार समझौते से दूर नहीं': भारत के लिए राजदूत नामित हुए गोर बोले- क्वाड के लिए ट्रंप के दौरे पर चर्चा जारी

Thu, 11 Sep 2025 10:37 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

सर्जियो गोर ने सीनेट में सुनवाई के दौरान कहा कि अमेरिका के लिए भारत कूटनीतिक साझेदार है। भारत की राह ही भविष्य में क्षेत्र और उसके आगे की स्थितियों को आकार देगी। उन्होंने भारत को क्षेत्रीय स्थिरता की आधारशिला करार दिया। 
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सर्जियो गोर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की तरफ से भारत में अमेरिका के राजदूत के तौर पर नामित किए गए सर्जियो गोर गुरुवार को सीनेट की सुनवाई में शामिल हुए। दरअसल, गोर की भारत में नियुक्ति पर मुहर तभी लगेगी जब संसद का उच्च सदन यानी सीनेट इसे मंजूरी देगा। इसी के चलते सर्जियो गोर ने सीनेट की विदेश मामलों की समिति के सामने सवालों के जवाब दिए। गोर ने कहा कि अमेरिका के लिए भारत कूटनीतिक साझेदार है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप क्वाड को जबरदस्त महत्व देते हैं और अगली बैठक के लिए उनके दौरे पर चर्चा जारी है। 
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भारत से कूटनीतिक रिश्तों पर क्या बोले गोर?
सर्जियो गोर ने सीनेट में सुनवाई के दौरान कहा कि अमेरिका के लिए भारत कूटनीतिक साझेदार है। भारत की राह ही भविष्य में क्षेत्र और उसके आगे की स्थितियों को आकार देगी। उन्होंने भारत को क्षेत्रीय स्थिरता की आधारशिला करार दिया। साथ ही कहा कि यह अमेरिका के लिए सबसे अहम रिश्ता है और हम भारत के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने को प्राथमिकता देंगे। 

भारत पर लगाए टैरिफ और व्यापार संबंधों पर?
सर्जियो गोर ने कहा व्यापार में भारत के सुरक्षात्मक रुख का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका निष्पक्ष-बराबरी के व्यापार को बढ़ाने के लिए काम करता रहेगा और भारत के बाजारों तक पहुंच बनाने की कोशिश भी करेगा। उन्होंने इसके लिए अमेरिका के ऊर्जा निर्यात को बढ़ाने पर जोर देने की बात कही। इस दौरान उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका अब व्यापार समझौते पर ज्यादा दूर नहीं हैं।

गोर ने बताया कि अमेरिका की शीर्ष प्राथमिकता अमेरिकी एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का निर्यात भारत को करने पर है। इसके अलावा अमेरिका के आर्थिक और व्यापारिक हितों को बढ़ाना और रक्षा सहयोग भी हमारे रिश्तों के केंद्र में हैं।

इस बीच गोर ने एक सवाल का चौंकाने वाला जवाब भी दिया। जब सांसद ने उनसे पूछा कि भारत पर अमेरिका ने टैरिफ लगाया है, जबकि चीन पर नहीं तो इस पर गोर ने कहा कि हम अपने दोस्तों को अलग-अलग मानकों पर रखते हैं। हम भारत से दूसरे देशों के मुकाबले ज्यादा उम्मीद करते हैं।

भारत-चीन की करीबी, अमेरिका से दूरी पर?
भारत में अमेरिकी राजदूत पद के लिए नामित गोर ने कहा कि चीन के मुकाबले भारत, अमेरिका से ज्यादा रिश्ते साझा करता है। काफी लंबे समय से हम (भारत-अमेरिका) निजी संपर्क से दूर रहे हैं। मैं नई दिल्ली को इस बारे में बताउंगा। राष्ट्रपति ट्रंप खुद इस मामले में जुड़े हैं। 

उन्होंने कहा कि भारतीयों के साथ हमारी बहुत सी समानताएं और समान मूल्य हैं। भारतीय लगातार हमारे पास आते रहे हैं। हमारे संबंध काफी मजबूत हैं। पिछले हफ्ते ही 500 से ज्यादा भारतीय सैनिकों ने अलास्का में हमारी सेना के साथ ट्रेनिंग की। 

क्वाड-ब्रिक्स के मुद्दे पर?
गोर ने विदेश मामलों की समिति के सामने ब्रिक्स और क्वाड गठबंधन को लेकर भी जवाब दिए। उन्होंने कहा कि क्वाड हमारे लिए काफी अहम है। राष्ट्रपति ट्रंप क्वाड के साथ जुड़ाव जारी रखने और इसे मजबूत रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस बीच जब गोर से पूछा गया कि इस साल क्वाड की बैठक भारत में है, क्या यह बैठक होगी, इसे लेकर वे प्रतिबद्धता जताते हैं तो इस पर सर्जियो गोर ने कहा कि हम तारीखों को लेकर प्रतिबद्धता नहीं जता सकते। लेकिन ट्रंप के दौरे को लेकर चर्चाएं जारी हैं।



 

मोदी-ट्रंप के रिश्तों पर? 
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तों का जिक्र करते हुए ट्रंप प्रशासन के प्रमुख नेताओं में शामिल गोर ने कहा कि हमारे राष्ट्रपति की गहरी दोस्ती रही है, जो कि अनोखी है। राष्ट्रपति ने कई बार भारत को लेकर आलोचना वाला रुख रखा है, लेकिन वे प्रधानमंत्री मोदी को लेकर हमेशा अलग रुख रखते हैं। दोनों के बीच जबरदस्त रिश्ते हैं। 
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