अमेरिका में कुख्यात यौन ट्रैफिकिंग मामले से जुड़ी जेफ्री एपस्टीन फाइल्स को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। अमेरिकी कांग्रेस के डेमोक्रेट सांसदों ने एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में भारी रेडैक्शन (ब्लैकआउट) को लेकर जस्टिस डिपार्टमेंट और ट्रंप प्रशासन पर संघीय कानून के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है।
हाउस ओवरसाइट और ज्यूडिशियरी कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट नेता रॉबर्ट गार्सिया और जेमी रैस्किन ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत जिन दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाना था, उनमें जानबूझकर अहम जानकारियां छिपाई गई हैं। यह कानून साफ तौर पर कहता है कि सभी गैर-गोपनीय दस्तावेज 30 दिनों के भीतर जारी किए जाएं।
डेमोक्रेट सांसद रो खन्ना ने भी जारी फाइल्स पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि शुक्रवार को जारी किए गए दस्तावेज कानून की भावना के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 119 पन्नों की ग्रैंड जूरी गवाही को पूरी तरह रेडैक्ट कर दिया गया है, जो कानून का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने संकेत दिए कि इस मामले में आगे कानूनी विकल्पों पर विचार किया जाएगा।
इस बीच, अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बार फिर दावा किया है कि उसकी समीक्षा में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि जेफ्री एपस्टीन ने किसी प्रभावशाली व्यक्ति को ब्लैकमेल किया हो या नए आपराधिक मामलों की जांच शुरू की जा सके। डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कांग्रेस को भेजे पत्र में कहा कि फिलहाल किसी नए आरोप की संभावना नहीं है।
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हालांकि, सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक जारी की गई फाइल्स में कई जगह विरोधाभास भी सामने आए हैं। कुछ तस्वीरों में पहले चेहरों को ब्लैकआउट किया गया, जबकि वही तस्वीरें बाद में बिना रेडैक्शन के भी दिखीं। इनमें से कुछ फोटो फ्रांस के पेरिस के बाहर स्थित एक आलीशान संपत्ति से जुड़ी बताई जा रही हैं। न्याय विभाग का कहना है कि फाइल्स को जल्दी जारी करने के दबाव के चलते प्रक्रिया जटिल हो गई, जबकि डेमोक्रेट सांसदों का आरोप है कि पीड़ितों को न्याय और जनता को सच्चाई से दूर रखा जा रहा है।
एपस्टीन मामले में पहले ही पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, पॉप स्टार माइकल जैक्सन और अन्य प्रभावशाली हस्तियों की तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में डेमोक्रेट नेता मानते हैं कि अधूरी जानकारी और ज्यादा रेडैक्शन, सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश है।