अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सेना के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया। यह पहली बार है जब अमेरिका ने दूसरे राष्ट्र की सेना को आतंकवादी संगठन करार दिया है।
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार ईरान ने अमेरिकी मध्य कमान को आतंकवादी संगठन घोषित करके जवाबी कार्रवाई की।
बता दें कि ट्रंप द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते को खत्म करने के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि अमेरिका ईरान के विशिष्ट सैन्य बल 'रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प' (आईआरजीसी) को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर रहा है।
ट्रंप ने एक बयान में कहा, "यह अप्रत्याशित कदम यह याद दिलाता है कि ईरान न सिर्फ आतंकवाद प्रायोजित करने वाला देश है बल्कि आईआरजीसी आंतकवाद को धन मुहैया कराने और उसे बढ़ावा देने में सक्रियता से लगा है।"
पॉम्पियो ने सभी बैंकों को दी चेतावनी
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने सोमवार को सभी बैंकों और कारोबारों को ईरान के रिवॉल्युशनरी गार्ड्स के साथ कामकाज जारी रखने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
पॉम्पियो ने यहां पत्रकारों से कहा, "दुनियाभर के सभी बैंकों और कारोबारों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि वह जिस भी कंपनी के साथ वित्तीय लेनदेन कर रहे हैं, उनका लेनदेन किसी भी हालत में ईरान के रिवॉल्युशनरी गार्ड्स समूह के साथ नहीं हो।"
पॉम्पिओ के अनुसार, यह कदम एक सप्ताह के भीतर प्रभावी हो जाएगा।
पोम्पिओ ने कहा कि अमेरिका "ईरान को एक सामान्य राष्ट्र की तरह व्यवहार" करने के लिए पाबंदी और दबाव जारी रखेगा और अमेरिका के सहयोगियों से इसी तरह की कार्रवाई करने की अपील करेगा।
पॉम्पियो ने कहा, "ईरान के नेता क्रांतिकारी नहीं हैं और लोगों को बेहतर के हकदार हैं। उन्होंने कहा, "वे अवसरवादी हैं।"
बाद के एक ट्वीट में पॉम्पिओ ने कहा, "हमें ईरान के लोगों को उनकी स्वतंत्रता वापस पाने में मदद करनी चाहिए।"