जमीन पर हालात बिगड़ते जा रहे हैं
गाजा में हालात बहुत खराब हो गए हैं। बीते रविवार को गाजा में भोजन लेने पहुंचे लोगों पर हमले में कम से कम 85 फलस्तीनी मारे गए, जो अब तक का सबसे खतरनाक दिन बताया जा रहा है। कई हफ्तों से कतर में इस्राइल और हमास के बीच बातचीत चल रही थी, जिसमें कुछ हल्की प्रगति तो हुई, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया। मुख्य विवाद यह है कि युद्धविराम के बाद इजरायली सेना को किस हद तक पीछे हटना होगा।
ट्रंप की शांति योजना को झटका
डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को शांति स्थापित करने वाला नेता बताने की कोशिश की थी और इसीलिए वे इस वार्ता में शामिल हुए। उन्होंने इससे पहले इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से व्हाइट हाउस में मुलाकात की थी, लेकिन कोई ठोस सफलता नहीं मिली। ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को भी जल्द खत्म करने का वादा किया था, लेकिन उसमें भी खास प्रगति नहीं हुई है।
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गाजा में भुखमरी की स्थिति
गाजा में स्थिति बेहद खराब है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, करीब एक लाख महिलाएं और बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी भूख से मौत के मामलों में वृद्धि की पुष्टि की है। इस संघर्ष में गाजा की बदहाल होती स्थिति को लेकर 28 पश्चिमी देशों ने इस्राइल की निंदा करते हुए युद्ध समाप्त करने की मांग की है। 100 से ज्यादा मानवाधिकार और सहायता संगठनों ने भी कहा है कि वहां के लोग भूख से मर रहे हैं और मदद नहीं पहुंच रही।
अमेरिका ने किया अपने सहायता मॉडल का बचाव
वहीं मामले में इस्राइल का कहना है कि वह पर्याप्त सहायता भेज रहा है, लेकिन यूएन एजेंसियां कह रही हैं कि इस्राइल की पाबंदियों और कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति के कारण मदद सुरक्षित तरीके से नहीं पहुंच पा रही। हालांकि दूसरी ओर अमेरिका ने अपने सहायता मॉडल का बचाव भी किया। साथ ही कहा कि गाजा में अब तक नौ करोड़ भोजन पहुंचाए जा चुके हैं। लेकिन जमीनी हालात कह रहे हैं कि गाजा अब भी भयंकर मानवीय संकट से जूझ रहा है।