अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने कहा कि वैश्विक टैरिफ को 15 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इससे कुछ घंटों पहले ही अमेरिका के सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग (कस्टम) की ओर से 10 फीसदी नए वैश्विक टैरिफ की घोषणा की थी।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मंगलवार को व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप ने 15 फीसदी टैरिफ लगाने के अपने फैसले पर कोई बदलाव नहीं किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को 15 फीसदी टैरिफ बढ़ाने की घोषणा की थी। इससे पहले उन्होंने 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत 10 फीसदी नए टैरिफ की औपचारिक घोषणा की थी। ये नए टैरिफ 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत लगाए गए पुराने टैरिफ की जगह लेंगे।
व्हाइट हाउस के अधिकारी ने 15 फीसदी टैरिफ की नई अधिसूचना कब जारी होगी, इस बारे में कोई समयसीमा नहीं बताई। ये नए टैरिफ उस फैसले के बाद आए हैं, जिसमें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से आपातकालीन कानून के तहत लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी बताया था।
अमेरिकी सीमा शुल्क विभाग की सूचना में क्या कहा गया?
अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग ने 20 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति की घोषणा के बारे में जानकारी देते हुए नोटिस जारी किया। इस नोटिस में कहा गया कि छूट प्राप्त वस्तुओं को छोड़कर सभी आयात पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा।
हालांकि, राष्ट्रपति की ओर से टैरिफ को 10 से बढ़ाकर 15 फीसदी की घोषणा के बाद 10 फीसदी की दर लागू होने से अमेरिका की व्यापार नीति को लेकर भ्रम पैदा हो गया है। नोटिस में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि कम दर क्यों लागू की गई।
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फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में पहले व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी बाद में की जाएगी। धारा 122 के तहत अधिकतम 15 फीसदी टैरिफ लगाया जा सकता है और यह टैरिफ 150 दिनों तक लागू रह सकता है, जब तक कि अमेरिकी कांग्रेस (संसद) इसे आगे न बढ़ाए।
यह कानून राष्ट्रपति को बड़े और गंभीर भुगतान संतुलन घाटे और अंतरराष्ट्रीय भुगतान से जुड़ी मूल समस्याओं से निपटने के लिए टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। अमेरिकी सीमा शुल्क विभाग ने आधी रात से नए टैरिफ वसूलना शुरू कर दिया, जबकि पुराने आपातकालीन कानून के तहत लगाए गए टैरिफ खत्म कर दिए गए।