US: अमेरिका वैश्विक तेल बाजार को स्थिर करने और तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रहा है। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह कदम प्रशासन की समन्वित रणनीति का हिस्सा है। पढ़ें रिपोर्ट-
अमेरिका वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने और कच्चे तेल की हालिया कीमतों में उछाल को कम करने के लिए ईरानी तेल पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रहा है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इस रणनीतिक बदलाव की पुष्टि की। उन्होंने इसे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के व्यापक समन्वित प्रयास का हिस्सा बताया, जिसका मकसद आपूर्ति को नियंत्रित करना है।
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बेसेंट ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में बताया कि ट्रंप प्रशासन ने तत्काल ऊर्जा सुरक्षा चिंताओं को हल करने के लिए वित्त मंत्रालय और कार्यकारी शाखा में 'ब्रेक द ग्लास' प्लान लागू किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका मौजूदा सैन्य अभियान के दौरान ईरानी तेल की स्थिति का मूल्यांकन कर रहा है।
उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में हम ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटा सकते हैं, जो पानी पर है। यह लगभग 140 मिलियन बैरल है। यह मात्रा लगभग 10 दिन से दो हफ्ते की आपूर्ति के बराबर है, जिसे ईरान चीन को भेज रहा था।
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वित्त मंत्री ने बताया कि यह रणनीति ईरान पर दबाव बनाने और अगले 10 से 14 दिन के लिए तेल की कीमतों को कम रखने के लिए है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास वैश्विक कीमतों को प्रभावित करने के लिए कई साधन हैं, जिनमें घरेलू तेल भंडार का उपयोग भी शामिल है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका ने रूस के तेल पर प्रतिबंध हटा दिए थे, जिससे 130 मिलियन बैरल की आपूर्ति हर्मुज की खाड़ी से बाहर उपलब्ध कराई गई।
बेसेंट ने बताया कि हाल ही में इतिहास में सबसे बड़े समन्वित रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि अन्य देश भी और कदम उठा सकते हैं। इसके अलावा, अमेरिका अकेले ही अतिरिक्त एसपीआर जारी करके तेल की कीमतों को नियंत्रित रख सकता है।