अधिकारी ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों से कहा, हम इस बारे में अपने कनाडाई सहयोगियों के करीब से संपर्क में हैं। हम आरोपों को लेकर काफी चिंतित हैं। हमें लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि एक पूरी और खुली जांच हो। हम भारत सरकार से उस जांच में सहयोग करने का अनुरोध करते हैं।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि अधिकारी सिख अलगाववादी नेता की हत्या में नई दिल्ली के एजेंटों के लिंक के विश्वसनीय आरोपों पर सक्रियता से काम कर रहे हैं। हालांकि, भारत ने उनके इन दावों को बेतुका और प्रेरित बताते हुए खारिज किया है।
इस ताजा विवाद से वर्षों से चले आ रहे राजनयिक संबंधों को बड़ा झटका लगा है। कनाडा में सिख अलगाववादियों की गतिविधियों को लेकर भारत अपनी समय-समय पर नाराजगी जाहिर कर चुका है। इसने अब दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को भी खतरे में डाल दिया है। पिछले सप्ताह से मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत रुकी हुई है।
कनाडा ने पहले भारत के एक शीर्ष खुफिया अधिकारी को निष्कासित किया। जिसके जवाब में भारत ने भी कनाडा के एक वरिष्ठ राजनयिक को निष्कासित कर दिया और पांच दिनों के भीतर उन्हें देश छोड़ने को कहा गया है।