रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान अमेरिकी नागरिक रसेल बेंटले की अप्रैल में हुई मौत मामले में रूस के शीर्ष जांच निकाय ने जांच पूरी कर ली है। इस संबंध में जांच एजेंसी ने शुक्रवार को एक बयान जारी किया, जिसमें कहा कि अमेरिकी नागरिक बेंटले को रूसी सैनिकों ने यातना देकर मार डाला था। अब उन पर मुकदमा चलाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, 1960 में पैदा हुए रसेल बेंटले यूक्रेन में रूसी समर्थित बलों के स्व-घोषित समर्थक थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वह 2014 में पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक लड़ाकों में शामिल हुए थे। बाद में, रूस की स्पुतनिक समाचार सेवा के साथ काम किया और रूसी नागरिकता प्राप्त की। बेंटले इस साल की शुरुआत में रूस-नियंत्रित पूर्वी यूक्रेन में लापता हो गए थे। अप्रैल में रूस नियंत्रित शहर डोनेट्स्क में उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले की तह तक जाने के लिए रूस के शीर्ष जांच निकाय को जांच सौंपी गई थी।
जांच समिति द्वारा बयान जारी कर तीन रूसी सैनिकों पर बेंटले की मौत का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसी ने कहा कि सैनिकों ने 8 अप्रैल को डोनेट्स्क में अमेरिकी नागरिक बेंटले को मौत के घाट उतार दिया था। दो सैनिकों ने उसके शव को एक कार में डाला और उसे उड़ा दिया। अपराध को छिपाने के प्रयास में चौथे सैनिक को अगले दिन बेंटले के अवशेषों को दूसरे स्थान पर ले जाने का आदेश दिया गया था।
जांच समिति ने आरोपी सैनिकों का नाम लिए बिना कहा कि अभियोग अनुमोदन के लिए भेजे जाने से पहले वह खुद को आरोपों से परिचित कर रहे थे। उन पर अपने अधिकार का उल्लंघन करने, शारीरिक हिंसा और यातना देने और लापरवाही से मौत का कारण बनने से लेकर किसी गंभीर अपराध को छिपाने का प्रयास करने जैसे विभिन्न आरोपों पर मुकदमा चलाया जाएगा। हालांकि, एजेंसी के बयान में यह नहीं बताया गया कि सैनिकों ने आरोपों से इनकार किया है या नहीं।