एक मीडिया संगठन की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि माइक्रोसॉफ्ट अमेरिकी रक्षा विभाग के कंप्यूटरों के मेंटेनेंस में मदद के लिए चीनी इंजीनियरों का उपयोग कर रहा था। इसकी अमेरिकी कर्मी निगरानी भी नहीं कर रहे थे। माना जा रहा है चीन के इंजीनियरों से काम कराने से देश के संवेदनशील डाटा के लीक होने का खतरा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं।
एक मीडिया संगठन की रिपोर्ट ने अमेरिकी रक्षा विभाग में हड़कंप मचा दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिकी रक्षा विभाग के कंप्यूटरों के मेंटेनेंस का काम माइक्रोसॉफ्ट के नेतृत्व में चीनी इंजीनियर कर रहे थे। इसे लेकर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने विभाग के डिजिटल सिस्टम की दो सप्ताह की समीक्षा करने के आदेश दिए हैं। वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने भी एलान किया है कि वह रक्षा विभाग की क्लाउड सेवा में तकनीकी सहायता के लिए चीनी इंजीनियरिंग टीम का उपयोग नहीं करेगा।
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प्रोपब्लिका में प्रकाशित एक जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि माइक्रोसॉफ्ट अमेरिकी रक्षा विभाग के कंप्यूटरों के मेंटेनेंस में मदद के लिए चीनी इंजीनियरों का उपयोग कर रहा था। इसकी अमेरिकी कर्मी निगरानी भी नहीं कर रहे थे। माना जा रहा है चीन के इंजीनियरों से काम कराने से देश के संवेदनशील डाटा के लीक होने का खतरा है।
माइक्रोसॉफ्ट ने यह कहा
रिपोर्ट सामने आने के बाद माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य संचार अधिकारी फ्रैंक शॉ ने रक्षा विभाग के तकनीकी समर्थन के लिए चीन-आधारित इंजीनियरों का उपयोग रोकने की बात कही। उन्होंने एक्स पर बयान में कहा कि इस सप्ताह अमेरिका द्वारा निगरानी वाले विदेशी इंजीनियरों के बारे में उठाई गई चिंताओं के जवाब में माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिकी सरकार के ग्राहकों के लिए हमारे समर्थन में बदलाव किए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी चीन-आधारित इंजीनियरिंग टीम रक्षा विभाग की सरकारी क्लाउड और संबंधित सेवाओं के लिए तकनीकी सहायता प्रदान न करे। उन्होंने कहा कि हम अमेरिकी सरकार को यथासंभव सबसे सुरक्षित सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसमें जरूरत पड़ने पर हमारे सुरक्षा प्रोटोकॉल का मूल्यांकन और समायोजन करने के लिए हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा साझेदारों के साथ काम करना भी शामिल है।
रक्षा मंत्री बोले- हम जांच करेंगे
इसके बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने वीडियो बयान में कहा कि रक्षा विभाग को एक सुरक्षा से जुड़ी एक समस्या के बारे में जानकारी मिली थी। प्रोपब्लिका और रिपब्लिकन सीनेटर टॉम कॉटन के पत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमें पता लगा कि रक्षा विभाग की क्लाउड सेवाओं के लिए तकनीकी कंपनी चीनी इंजीनियरों का उपयोग कर रही थी। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल सिस्टम एक विरासत प्रणाली है। इसे ओबामा प्रशासन के दौरान बनाया गया था। रक्षा विभाग के कंप्यूटर सिस्टम में कमी की जानकारी मिलने के बाद से हम इसकी जांच कर रहे हैं। हमें पता चला है कि कुछ तकनीकी कंपनियां रक्षा विभाग की क्लाउड सेवाओं में सहायता के लिए सस्ते चीनी श्रम का इस्तेमाल कर रही हैं। यह अस्वीकार्य है।
'चीन हमारी क्लाउड सेवा में भागीदारी नहीं करेगा'
पीट हेगसेथ ने कहा कि हमें तय करना होगा कि रक्षा विभाग में हम जिन डिजिटल प्रणालियों का उपयोग करते हैं, वे अडिग और अभेद्य हों। मैं घोषणा करता हूं कि चीन अब हमारी क्लाउड सेवाओं में किसी भी प्रकार की भागीदारी नहीं करेगा और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा। रक्षा विभाग जल्द से जल्द दो सप्ताह या उससे भी पहले एक समीक्षा शुरू करेगा ताकि यह तय किया जा सके कि जो कुछ हमने उजागर किया है, वह रक्षा विभाग में कहीं और न हो। हम अपने सैन्य बुनियादी ढांचे और ऑनलाइन नेटवर्क पर सभी खतरों की निगरानी और उनका मुकाबला करना जारी रखेंगे। मैं मीडिया और उन सभी अमेरिकियों का धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस मुद्दे को हमारे ध्यान में लाया ताकि हम इसका समाधान कर सकें। ईश्वर हमारे योद्धाओं का भला करे।