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ट्रंप का चीन के साथ व्यापार युद्ध हुआ और खतरनाक, बाजार में बढ़ी परेशानी

Tue, 06 Aug 2019 08:34 AM IST
शिल्पा ठाकुर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग - फोटो : social media
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अमेरिका और चीन के बीच चल रहा व्यापार युद्ध चिंताजनक तो शुरू से ही था, लेकिन अब खतरनाक भी बनता जा रहा है। चीन ने सोमवार को अपनी मुद्रा को बीते दशक के मुकाबले कमजोर स्तर पर तेजी से गिरने की अनुमति दे दी है। चीन ने कहा कि उसकी कंपनियों ने अमेरिकी कृषि वस्तुओं की खरीद को रोक दिया है।

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सोमवार देर रात दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया। ट्रंप प्रशासन ने चीन को मुद्रा में फेरबदल करने वाला करार दे दिया। चीन ने ये कदम ऐसे समय में उठाया है जब हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापार वार्ता को सही दिशा में आगे नहीं बढ़ने वाला बताया और चीन से आने वाले उत्पादों पर भारी भरकम शुल्क लगाने की चेतावनी की। ट्रंप ने चीन के 300 अरब डॉलर के उत्पादों पर दस फीसदी शुल्क लगाने की घोषणा के ठीक एक बाद कहा कि इससे बचने के लिए चीन को काफी कुछ करना होगा। यह शुल्क एक सितंबर से लागू हो जाएगा।

इस व्यापार युद्ध से अब आर्थिक मंदी बढ़ रही है। चीन और अमेरिका दोनों ही उस अर्थव्यवस्था के लिए रिस्क को बढ़ा रहे हैं, जो पहले ही कमजोर मोड़ पर खड़ी है। सोमवार को डॉव (अमेरिकी स्टॉक मार्केट इंडेक्स) 767 अंक (2.9 फीसदी) गिर गया। नैस्डैक (अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज) 3.5 फीसदी गिर गया, जो कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले से भी बेकार स्थिति में है।
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अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए ये व्यापार युद्ध घातक साबित हो रहा है। नेशनल सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन के चीन मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आर्ट होगन का कहना है कि ये पता लगाना नामुमकिन है कि ये (व्यापार युद्ध) कितना बुरा है। होगन ने कहा कि व्यापार युद्ध जितना खराब होता है, उतनी ही तेजी से अमेरिका में मंदी आ सकती है। 

कई निवेशक और व्यापारी मोटे तौर पर चीन को व्यापार पर निष्पक्ष रहने के लिए ट्रंप प्रशासन की इच्छा से सहमत हैं। बीजिंग के गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं, जबरन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सहित कई अन्य चीजों ने अमेरिकी व्यवसायों को लंबे समय तक चोट पहुंचाई है।

हालांकि अब सभी की चिंता बढ़ती जा रही है। एक सितंबर से नए शुल्क लागू होने से इलेक्ट्रोनिक सामान से लेकर जूते-चप्पल तक सब प्रभावित होंगे। इसका प्रभाव अमेरिकी परिवारों पर पड़ेगा।

चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बीते हफ्ते चेतावनी दी थी कि ये नए शुल्क "केवल अमेरिकी व्यवसायों, किसानों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक परेशान करेंगे और एक मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था को कमजोर कर देंगे।" वहीं चीन के अमेरिकी कृषि उत्पाद ना खरीदने के कदम से अमेरिकी किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।

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