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ट्रंप-शी मुलाकात के बाद बढ़ा तनाव: अमेरिकी पत्रकार को चीन ने देश से निकाला, अब US ने ऐसे लिया बदला

Sat, 30 May 2026 05:04 AM IST
राकेश कुमार पीटीआई, वाशिंगटन।

सार

ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका और चीन के बीच राजनयिक विवाद गहरा गया है। चीन की ओर से अमेरिकी पत्रकार को निकाले जाने के बाद, अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए चीनी सरकारी मीडिया के पत्रकार का वीजा रद्द कर दिया है। क्या है मामला? जानिए...
 
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अमेरिका-चीन के बीच तनाव - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिका और चीन के बीच विवाद बहुत ज्यादा बढ़ गया है। बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के ठीक बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के पत्रकारों पर कार्रवाई की है। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में काम कर रहे चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के एक पत्रकार का वीजा रद्द कर दिया है।
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अमेरिका ने यह कदम चीन के फैसले के जवाब में उठाया है। दरअसल, चीन ने कुछ दिनों पहले 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की महिला पत्रकार विवियन वांग को अपने देश से निकाल दिया था। इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर वीजा रद्द होने की पुष्टि की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी माना कि सरकार की ऐसी योजना थी।

ताइवान के मुद्दे पर चीन का गुस्सा
इस पूरे विवाद की असली वजह ताइवान से जुड़ा एक कार्यक्रम है। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के 'डीलबुक समिट 2025' में ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते का एक रिकॉर्डेड इंटरव्यू दिखाया गया था। इस शो के होस्ट एंड्रयू रॉस सोर्किन थे। सोर्किन ने इंटरव्यू के दौरान ताइवान को एक देश कह दिया था। इस बातचीत में लाई चिंग-ते ने ताइवान जलडमरूमध्य में चीन के आक्रामक रवैये की आलोचना की थी। उन्होंने अपने देश की रक्षा करने का संकल्प भी लिया था। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। इसी नाराजगी में चीन ने पत्रकार विवियन वांग को देश छोड़ने का आदेश दे दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे कार्यक्रम में विवियन वांग की कोई भूमिका नहीं थी।
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चीन में मिली थी सीधे टकराव की चेतावनी
यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य मई में राष्ट्रपति ट्रंप ने बीजिंग का दौरा किया था। उस शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साफ तौर पर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर ताइवान के मुद्दे को ठीक से नहीं संभाला गया, तो चीन और अमेरिका के बीच सीधा टकराव हो सकता है।
 
वर्ष अमेरिका की कार्रवाई चीन का पलटवार
2020 चीनी मीडिया को 'फॉरेन मिशन' घोषित किया तीन अमेरिकी पत्रकारों को देश से निकाला
2020 चीनी पत्रकारों की संख्या सीमित की 18 विदेशी पत्रकारों को देश से बाहर किया
2026 शिन्हुआ के पत्रकार का वीजा रद्द किया न्यूयॉर्क टाइम्स की विवियन वांग को निकाला

'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के कार्यकारी संपादक जोसेफ काह्न ने विवियन वांग को निकालने के फैसले को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि इससे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की जमीनी सच्चाई को समझना और मुश्किल हो जाएगा।
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चीन में लगातार सिमट रहा है विदेशी मीडिया
विदेशी पत्रकारों के संघ के अनुसार, साल 2020 से ही दोनों देशों के बीच पत्रकारों को लेकर खींचतान चल रही है। चीन लगातार अमेरिकी पत्रकारों के वीजा की अवधि घटा रहा है। अब उन्हें केवल एक से तीन महीने का वीजा मिल रहा है। इसके चलते चीन में अमेरिकी मीडिया घरानों के दफ्तरों में अब नाम मात्र के कर्मचारी बचे हैं। चीन के इस सख्त रवैये से अब दूसरे पश्चिमी मीडिया संगठन भी डरे हुए हैं। उन्हें डर है कि ताइवान के नेताओं का इंटरव्यू करने पर उन्हें भी चीन से बाहर निकाला जा सकता है।
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