फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिका ने जताई आशंका, गुपचुप परमाणु परीक्षण शुरू करने की तैयारी में ड्रैगन

Thu, 16 Apr 2020 07:08 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिका ने बुधवार को आशंका जताई कि चीन गुपचुप करीके से भूमिगत परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहा है। वहीं, चीन का कहना है कि वह परमाणु परीक्षण पर रोक को लेकर वह पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। चीन ने अमेरिका के इस आरोप गैरजिम्मेदाराना और गलत इरादे से दिया गया बयान बताया है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक खबर के हवाले से कहा था कि इस बात की आशंका है कि चीन गोपनीय तरीके से भूमिगत परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहा है, जबकि वह दावा करता है कि ऐसे विस्फोट के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध समझौते का वह पूरा पालन करता है। 

विज्ञापन


हांगकांग से प्रकाशित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने अमेरिकी खबर के हवाले से लिखा, अमेरिका की चिंता चीन द्वारा परमाणु विस्फोट के लिए निर्धारित मानक 'जीरो यील्ड' के संभावित उल्लंघन से संबंधित है जो 2019 में चीन के लोप नुर परमाणु परीक्षण स्थल पर होने वाली गतिविधियों से उत्पन्न हुई है। 

अमेरिका के इस आरोप पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लीजियान ने कहा कि चीन उन देशों में है जिसने व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (सीटीबीटी) पर हस्ताक्षर किए थे। चीन हमेशा इसके उद्देश्यों और लक्ष्यों का समर्थन करता है और परमाणु परीक्षण पर रोक को लेकर प्रतिबद्ध है।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि सीटीबीटी बहुपक्षीय संधि है जिसमें किसी भी जगह पर सैन्य और नागरिक उद्देश्य के लिए परमाणु विस्फोट पर रोक है। वहीं, जीरो यील्ड का अभिप्राय ऐसे परमाणु परीक्षण से है जिसमें परमाणु मुखास्त्र के फ्रस्फोटन से श्रृंखलाबद्ध विस्फोट नहीं होता।

झाओ ने कहा, चीन की सीमा के भीतर स्थापित निगरानी स्टेशन सीटीबीटी सचिवालय द्वारा मान्यता प्राप्त है। उन्होंने कहा, 'अमेरिका ने सभी तथ्यों को नजरअंदाज किया और चीन के खिलाफ अकारण आरोप लगाया। यह गैर जिम्मेदाराना और गलत इरादे से की गई टिप्पणी है।'

उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिका ने परमाणु नीति की समीक्षा में कहा कि वह जरूरत पड़ने पर भूमिगत परीक्षण को दोबारा शुरू करेगा। उन्होंने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसपर सतर्क रहना चाहिए। हम अमेरिका से आह्वान करते हैं कि इस मामले पर अपना रुख बदले।’

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें