अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि अमेरिकी सेना ने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर आज शाम 4:45 बजे (ईटी) ईरान के खिलाफ लगातार तीसरे दिन हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरानी बलों को भारी नुकसान पहुंचाना है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्दोष नागरिकों और व्यापारिक जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता को कमजोर करना है।
ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी
इन हमलों से पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर 14 जुलाई को शाम 4 बजे (पूर्वी समय) से ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी फिर से शुरू करने का एलान किया। अमेरिकी बल उन सभी जहाजों के खिलाफ नाकेबंदी लागू कर रहे हैं जो ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आ-जा रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना उन जहाजों को क्षेत्रीय जलमार्ग से गुजरने में मदद दे रही है जो इस नाकेबंदी का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं।
पिछली नाकेबंदी का रिकॉर्ड
अमेरिका ने इससे पहले 13 अप्रैल से 18 जून तक ईरान की नाकेबंदी की थी। उस दो महीने की अवधि के दौरान अमेरिकी बलों ने नियमों का पालन करने वाले 140 से अधिक जहाजों के रास्ते बदले थे। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले नौ जहाजों को निष्क्रिय किया गया था। वहीं, मानवीय सहायता ले जाने वाले 50 से अधिक व्यापारिक जहाजों को नाकेबंदी के बीच से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई थी।
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नाविकों के लिए जरूरी सलाह
अमेरिकी सेना ने सभी नाविकों को सलाह दी है कि वे 'नोटिस टू मरीनर्स' प्रसारण पर लगातार नजर रखें। ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्तों में काम करते समय नाविकों को ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना बलों से संपर्क बनाए रखने के लिए कहा गया है। व्यापारिक नाविकों को जल्द ही एक औपचारिक नोटिस के जरिए अतिरिक्त जानकारी भी दी जाएगी।