अमेरिका ने आत्मरक्षा में इराक में एक हमला किया, क्योंकि बेरूत में इस्राइल के हवाई हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया था। इस्राइल ने कहा है कि उसने हिजबुल्लाह के सबसे वरिष्ठ कमांडर को मार डाला है। एक अमेरिकी अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर रॉयटर्स से कहा कि इराक में जिहाद विरोधी गठबंधन बलों के लिए खतरे के कारण हमला किया गया। अधिकारी ने किसी हताहत होने को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। इससे पहले हाल ही में इराक और सीरिया में जिहाद विरोधी रोधी गठबंधन के सैनिकों के ठिकानों के नजदीक हमले हुए थे। इन हमलों की किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली थी। हालांकि, ईरान समर्थित समूहों पर इन हमलों का आरोप लगाया गया था।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका का यह हमला बगदाद के दक्षिण में गठबंधन बलों के ठिकाने पर हुए विस्फोट जैसा ही है। अमेरिकी और इराकी सूत्रों ने कहा कि पिछले हफ्ते इराक के ऐन अल-असद एयरबेस की ओर कई रॉकेट दागे गए। लेकिन इसमें कोई नुकसान या हताहत नहीं हुआ। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि कोई भी रॉकेट उनके ठिकाने पर नहीं गिरा।
अमेरिका की ओर से इराक में फरवरी के बाद पहला हमला है। फरवरी में अमेरिकी सेना ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड और मिलिशिया से जुड़े 85 से ज्यादा ठिकानों पर इराक और सीरिया में हवाई हमले किए थे।