पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का लक्ष्य नागरिक नहीं, बल्कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और नौसैनिक क्षमताओं को कमजोर करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान खुद नागरिक ढांचों को निशाना बना रहा है और जनता को खतरे में डाल रहा है।
अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर किए जा रहे सैन्य कार्रवाई और फिर ईरान की जवाबी हमले ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमेरिकी सैन्य अभियान के लक्ष्य पर जोर दिया। रुबियो ने बताया कि अमेरिका का ईरान पर हमला किसी स्कूल या नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने के लिए नहीं है। उनका कहना है कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल बनाने और लॉन्च करने की क्षमता और उसकी नौसैनिक ताकत को कमजोर करना है।
— ANI (@ANI) March 2, 2026
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अमेरिका तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को कम करने के लिए कदम उठाएगा। ईरान संघर्ष के कारण तेल के दाम बढ़े हैं।
फिलहाल अमेरिका ईरान में जमीनी सैनिक भेजने की तैयारी में नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास यह विकल्प मौजूद है।
वॉशिंगटन का मानना है कि उसका सैन्य लक्ष्य बिना जमीनी सेना भेजे भी हासिल किया जा सकता है।
रुबियो ने चेतावनी दी कि ईरान पर हमलों में अभी और कड़े वार बाकी हैं।