भारतीय महासागर में चार मार्च को अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना को टॉरपीडो से डुबो दिया। इस हमले में 87 नाविक मारे गए। इस मामले में अब एक बड़ा दावा सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी चेतावनियों के बाद और हमले से कुछ मिनट पहले एक नाविक ने पिता को फोन कर बताया कि अमेरिकी बलों ने जहाज खाली करने को कहा।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार है जब किसी अमेरिकी पनडुब्बी ने दुश्मन के जहाज को डुबोया। अमेरिकी युद्ध विभाग ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि आईआरआईएस डेना ने कुछ दिन पहले ही विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू और मिलान 2026 बहुदेशीय अभ्यास में हिस्सा लिया था। स्वदेश वापसी के दौरान भारत के समुद्री इलाके में एक अंडरवाटर हंटर ने उसे निशाना बनाकर डुबो दिया। परमाणु क्षमता वाली हमलावर सबमरीन यही करती है।
मौके पर पहुंची थी श्रीलंकाई नौसेन
गौरतलब है कि इस हमले के बाद जब दुनियाभर में बातचीत तेज हुई, तब श्रीलंका की नौसेना आपातकालीन कॉल पर वहां पहुंची। हालांकि नौसेना ने हमले के स्थान पर जहाज नहीं पाया, केवल तेल का धब्बा, खाली जीवनरक्षक नावें और पानी में तैरते नाविक मिले। यह हमला पश्चिम एशिया के बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संबंधों में नई गंभीरता को दर्शाता है।