अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको सीमा के पास की जमीन को सेना के नियंत्रण में देने का आदेश दिया है। यह जमीन अब रक्षा मंत्रालय के अधीन होगी और इसे आर्मी बेस का हिस्सा माना जाएगा। इस कदम से सेना को अवैध प्रवासियों को हिरासत में लेने का अधिकार मिलेगा। अमेरिकी अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस को यह जानकारी दी।
देश का कानून कहता है कि सेना को घरेलू कानून व्यवस्था बनाए रखने में नहीं लगाया जा सकता। लेकिन ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अगर कोई जमीन सेना के बेस का हिस्सा बना दी जाए, तो ससेना वहां सुरक्षा का काम कर सकती है। यही वजह है कि यह इलाका अब सेना का अड्डा घोषित किया गया है।
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हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम कानूनी रूप से चुनौती का सामना कर सकता है। ब्रेनन सेंटर फॉर जस्टिस की एलिजाबेथ गोटिन ने कहा, अगर सेना वहां सिर्फ कानून लागू करने के लिए है, तो यह अवैध हो सकता है। सेना का मुख्य मकसद सीमा सुरक्षा और प्रवासियों को रोकना लग रहा है, जो कि कानून के खिलाफ है।
सेना को कौन-सी जमीन दी जा रही है?
इस जमीन को रूजवेल्ट रिजर्वेशन कहा जाता है। यह साठ फीट चौड़ी सरकारी जमीन है, जो न्यू मैक्सिको से लेकर कैलिफोर्निया तक फैली है। हालांकि, जहां यह जमीन किसी निजी भूमि से मिलती है, वहां यह लागू नहीं होगी। अब तक यह जतमीन गृह मंत्रालय के अधीन थी। लेकिन अभ ट्रंप के आदेश से इसे रक्षा मंत्रालय को सौंपा गया है।
अगले 45 दिन में सेना क्या करेगी?
एक अधिकारी के अनुसार,अगले 45 दिनों तक सेना न्यू मैक्सिको में इस जमीन के एक हिस्से पर पायलट परियोजना चलाएगी, जो कि एरिजोना के फोर्ट हूआचुका के पास है (यह एक आर्मी बेस है)। इस दौरान वहां अतिरिक्त फेंसिंग (बाड़) और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि लोग समझ सकें कि यह अब सैन्य इलाका है।
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घुसपैठियों को सेना कैसे रोकेगी?
अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के इस इलाके में आता है,
तो उसे सेना की सुरक्षा टीम गिरफ्तार कर सकती है।अगर गिरफ्तार व्यक्ति अवैध प्रवासी होगा, तो उसे स्थानीय पुलिस या आव्रजन अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।
विवाद क्या है?
विशेषज्ञों का कहना है कि कानून कहता है कि सेना केवल तभी कानून व्यवस्था में शामिल हो सकती है जब वह केवल सैन्य उद्देश्य के लिए तैनात हो।'लेकिन यहां सीधा मकसद सीमा की सुरक्षा और अवैध घुसपैठ को रोकना है। इसलिए इस आदेश को अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
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