रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष को करीब छह महीने हो गए हैं। वहीं अमेरिका लगातार यूक्रेन को हथियारों के जरिए सहायता पहुंचा रहा है। इसी कड़ी में अमेरिकी रक्षा विभाग ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह यूक्रेन को हिमारस (HIMARS) मिसाइलें, तोपखाने (Artillery) और खदान-समाशोधन प्रणालियों सहित अतिरिक्त सैन्य सहायता के रूप में 77.5 करोड़ अमरीकी डालर प्रदान करेगा। एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने कहा कि इस पैकेज को प्रेसिडेंशियल ड्रॉडाउन अथॉरिटी (पीडीए) के माध्यम से भेजा जाएगा।
इस सहायता पैकेज में अमेरिका यूक्रेन को 15 स्कैन ईगल ड्रोन ( Scan Eagle drones) देगा, जो यूक्रेन की आर्टिलरी को सैन्य परीक्षण में सहायता करेगा। इसके साथ ही 40 खदान प्रतिरोधी घात-संरक्षित वाहन (MRAPs) देगा, जो यूक्रेनियन को खनन क्षेत्रों से बाहर निकलने में मदद करेगा। इस नवीनतम पैकेज के साथ, बाइडन प्रशासन ने अबतक यूक्रेन को सुरक्षा सहायता के रूप में 10 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की प्रतिबद्धता जताई है। अगस्त 2021 से यूक्रेन को प्रदान किया गया यह 19वां पीडीए पैकेज है।
यूक्रेन का आरोप...परमाणु संयंत्र से बिजली चुराना चाह रहा रूस
परमाणु हादसे की आशंका के बीच यूक्रेन और रूसी सैनिक जपोरिझिया स्थित परमाणु संयंत्र के पास लगातार गोलीबारी कर रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को जपोरिझिया में यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र की संचालक कंपनी एनरजोतम ने रूस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि रूस असल में यहां से बिजली चुराने की कोशिश कर रहा है।
एनरजोतम ने कहा कि पावर प्लांट को यूक्रेन के राष्ट्रीय ग्रिड से हटाने की कोशिश कर रहा है। यह प्रक्रिया बेहद खतरनाक है, जो बड़े परमाणु हादसे को न्यौता देने जैसा है। इसके लिए पावर प्लांट को बंद करना होगा, जिससे परमाणु ईंधन को ठंडा रखने की प्रक्रिया बाधित हो सकती है और भयावह हादस हो सकता है। यूक्रेन की तरफ से हादसे की चिंता और बिजली चोरी के आरोप पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि संयंत्र की बिजली पर सिर्फ यूक्रेन का हक है।
खारकीव में 17 लोगों की मौत, 42 घायल
रूस के अलग-अलग हमलों में बृहस्पतिवार को खारकीव में 17 लोगों की मौत हो गई व 42 घायल हो गए। स्थानीय गवर्नर ने बताया कि रूस बुधवार से लगातार पूरे खारकीव में जगह-जगह बमबारी, रॉकेट और तोपों से हमले कर रहा है। अलग-अलग जगहों पर बीते 24 घंटे में रूस ने सैकड़ों रॉकेट दागे हैं, जबकि तोपों से से किए जा रहे हमलों का कोई हिसाब ही नहीं है। रूसी सैनिक घरों, अस्पतालों व स्कूलों को निशाना बना रहे हैं।
रूस का रास्ता बंद
यूक्रेनी बलों ने दावा किया कि खेरसान में रूस के सैनिकों को रसद व गोलाबारूद की आपूर्ति के सभी रास्तों को बंद कर दिया गया। बलों ने कोखोव्स्का बांध पर बने पुल को नष्ट कर दिया, यह आखिरी रास्ता था, जहां से रूसी सैनिकों को मदद मिल रही थी।
यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी अगले सप्ताह भारत की यात्रा करेंगे
यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी अगले सप्ताह भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। फरवरी के अंत में शुरू हुए युद्ध पर भारत के तटस्थ रुख के मद्देनजर अमेरिका बैठकों के दौरान दक्षिण एशियाई राष्ट्र के साथ संबंधों को गहरा करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है। वित्त विभाग के उपसचिव वैली अडेमो अपनी यात्रा के दौरान मुंबई और नई दिल्ली का दौरा करेंगे, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय, वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ बैठकें हो सकती हैं। विभाग ने कहा कि अडेमो ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, विश्व स्तर पर खाद्य असुरक्षा से निपटने और अवैध वित्तीय लेन-देन का मुकाबला करने जैसी प्रमुख साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे।