अफगानिस्तान में साल 2001 से अमेरिका और तालिबान के बीच चल रहा संघर्ष अब खत्म होने को है। दरअसल, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने सऊदी अरब दौरे के बाद एक बयान जारी करने से पहले एक ट्वीट में इस बात के संकेत दिए थे।
विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने अपने ट्वीट में लिखा कि दशकों के संघर्ष के बाद, हम तालिबान के साथ अफगानिस्तान में हिंसा में कमी लाए जाने को लेकर एक आपसी समझ विकसित करने पर पहुंचे हैं। यह क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम है, मैं चाहूंगा कि सभी अफगानी इस अवसर को अपने हाथ से न जाने दें।
इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि दोनों देशों के बीच कतर में एक समझौता होने की संभावना है। तालिबान के एक सूत्र ने बीते मंगलवार को बताया था कि दोनों ही पक्ष इस पर सहमत होने के बेहद करीब हैं।
वहीं एक अफगान अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि दोनों देशों के बीच समझौता 29 फरवरी को दोहा में हो सकता है, जो कि अमेरिका और जिहादियों के बीच लंबी वार्ता के बाद हिंसा में कमी लाने की अवधि की सफलता पर निर्भर करता है। अफगानिस्तान में अमेरिका अपने सैनिकों की उपस्थिति को कम करना चाहता है।
इससे इतर पाकिस्तान में तालिबान के एक सूत्र के हवाले से खबर आई थी कि सारी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। नेतृत्व परिषद ने करार पर तालिबान वार्ता टीम को आगे बढ़ने का संकेत दिया है।