फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कम होगा तनाव: अमेरिका और चीन ने शुरू की ‘सीधी वार्ता’, अलास्का में आमने-सामने बैठने की तैयारी

Wed, 10 Mar 2021 03:52 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग

सार

विशेषज्ञों का कहना है, ‘बातचीत शुरू करने के लिए अलास्का सबसे बेहतरीन जगह है। वार्तास्थल को अमेरिकी मुख्यभूमि से दूर रखने पर चीन यह कह सकेगा कि बैठक लगभग तटस्थ स्थल पर हुई। इससे यह धारणा नहीं बनेगी एक पक्ष बातचीत शुरू करने के लिए अत्यधिक रियायतें दे रहा है।’
 
विज्ञापन
Joe Biden and Xi Jinping - फोटो : PTI (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका के जो बाइडन प्रशासन ने चीन के साथ सीधी बातचीत शुरू कर दी है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने बुधवार सुबह (भारतीय समय के अनुसार) कहा कि दोनों देशों के राजनयिक ‘सीधे संपर्क’ में हैं। इसके पहले मंगलवार को हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने एक एक्सक्लूसिव खबर छापी थी, जिसमें कहा गया था कि दोनों देशों के बीच जल्द ही अमेरिकी शहर अलास्का में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आयोजित करने पर बातचीत चल रही है। इस बारे में पूछे गए सवाल पर साकी ने कहा- ‘बेशक, राष्ट्रपति (बाइडन) और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम की आने वाले महीनों में कई स्तरों पर चीन और उस क्षेत्र के दूसरे देशों के साथ वार्ता होगी।’

विज्ञापन


जाहिर है, साकी ने इस बारे में संकेतों में बात की। उन्होंने प्रस्तावित अलास्का वार्ता की पुष्टि नहीं की। लेकिन उन्होंने इसका खंडन भी नहीं किया। उन्होंने कहा- ‘हम उनसे सीधे संपर्क में हैं। हमने बहुत से मुद्दों पर चीनी अधिकारियों से बात की है। हम अपनी चिंताओं को छिपा कर नहीं रखते, बल्कि ऐसे अवसरों की तलाश में रहते हैं, जिसमें साथ मिल कर काम किया जा सके।’ इससे इस बात की पुष्टि हुई कि बाइडन प्रशासन ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौर में चीन के खिलाफ अपनाई गई आक्रामक नीति को नरम कर दिया है। इसकी शुरुआत के संकेत तभी मिले थे, जब पिछले 11 फरवरी को चीन के नववर्ष की पूर्व संध्या पर जो बाइडन ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर दो घंटे तक बातचीत की थी।

साइथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक अलास्का में प्रस्तावित बातचीत में उच्च पदाधिकारी भाग लेंगे। चीन की तरफ से इसमें यांग जीची जाएंगे। जीची चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में विदेश मामलों के प्रभारी हैं। अकसर वे राष्ट्रपति शी के दूत की भूमिका भी निभाते रहे हैं। मुमकिन है कि यांग के साथ चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी इस बैठक में शामिल हों। ये दोनों चीन के सबसे वरिष्ठ राजनयिक हैं। साथ ही इन्हें राष्ट्रपति शी का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। अगर ये दोनों अधिकारी प्रस्तावित बातचीत में जाते हैं, तो उससे जाहिर होगा कि चीन अमेरिका से संबंध सुधारने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
विज्ञापन


अलास्का बैठक जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों के बीच पहली सीधी वार्ता होगी। पर्यवेक्षकों का कहना है कि राष्ट्रपति बाइडेन की 11 फरवरी को राष्ट्रपति शी के साथ हुई लंबी फोन वार्ता के बावजूद दोनों देशों के संबंधों को लेकर अनिश्चय बना रहा है। अमेरिका ने उसके बाद भी हांगकांग और शिनजियांग में मानव अधिकारों के कथित हनन का मसला लगातार उठाया है। साथ ही उसने ताइवान के साथ चीन के जारी तनाव पर कड़ी टिप्पणियां की हैं। लेकिन इस बीच दोनों देश आपसी संबंधों के महत्व पर भी जोर देते रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन एक बयान में अमेरिका-चीन संबंधों को ‘संभवतः दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण रिश्ता’ कह चुके हैं।

चाइनीज एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज में अमेरिकी मामलों के विशेषज्ञ लिउ वेइदोंग ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से कहा- ‘बातचीत शुरू करने के लिए अलास्का सबसे बेहतरीन जगह है। हालांकि यह अमेरिका का हिस्सा है, लेकिन अमेरिकी मुख्यभूमि और चीन से इसकी दूरी लगभग बराबर है। वार्तास्थल को अमेरिकी मुख्यभूमि से दूर रखने पर चीन यह कह सकेगा कि बैठक लगभग तटस्थ स्थल पर हुई। इससे यह संकेत जाएगा कि बातचीत बराबरी के स्तर पर हुई। यानी यह धारणा नहीं बनेगी एक पक्ष बातचीत शुरू करने के लिए अत्यधिक रियायतें दे रहा है।’

विश्लेषकों ने कहा है कि दोनों पक्ष किसी फौरी नतीजे की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। प्रस्तावित बैठक से बातचीत शुरू होगी, जो काफी हद तक रुकी रही है। अमेरिका और चीन दोनों इसे सकारात्मक संकेत मानते हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें