अमेरिका ने चीन के दो नागरिकों पर भारत और यूएस समेत 12 देशों की कंपनियों में हैकिंग का आरोप लगाया। आरोपों के मुताबिक, चीनी नागरिक झू हुआ और झेंग शिलांग चीन से संचालित होने वाले हैकर समूह के सदस्य हैं। अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया है कि उसने अमेरिका समेत कई सरकारी एजेंसियों में साइबर जासूसी करने की कोशिश की है। ब्रिटेन ने भी चीन पर यही आरोप लगाए हैं।
इस समूह को साइबर सुरक्षा समुदाय में एपीटी-10 के नाम से जाना जाता है। दोनों चीनी नागरिक चीन की हुआइंग हाईताई साइंस एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट कंपनी में काम करते हैं। अमेरिकी न्याय मंत्रालय के मुताबिक इन दोनों चीनी नागरिकों को चीन के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय में ताइंजिन शासकीय सुरक्षा ब्यूरो की मदद हासिल है। मंत्रालय ने कहा कि इस अभियान में नासा व अमेरिकी नौसेना को भी कथित तौर पर निशाना बनाया गया। इन हैकरों पर अमेरिका और भारत समेत ब्राजीन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान, यूएई और ब्रिटेन की दर्जनों कंपनियों के कंप्यूटरों में सेंध लगाने का आरोप है।
जिन कंपनियों के कंप्यूटरों में सेंधमारी हुई है, वे बैंकिंग-फाइनेंस, टेलीकम्युनिकेशन, मेडिकल उपकरण, मैनुफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, बायोटेक्नोलॉजी, ऑटोमोटिव, तेल-गैस और खनन से जुड़ी हैं। अमेरिका के डिप्टी अटॉर्नी जनरल राड रोसेंस्टीन ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी कंपनियों और वाणिज्य संस्थानों पर साइबर हमले रोकने के 2015 में किए वादे को बार-बार तोड़ा है। उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि चीन अपनी गैरकानूनी साइबर गतिविधियों को रोककर विश्व बिरादरी से किए अपने वादे का सम्मान करे। अमेरिका के सहयोगी ब्रिटेन ने भी आरोप के समर्थन में अपनी बात रखी है।
चीन ने जताई सख्त नाराजगी
अमेरिका द्वारा दो चीनी नागरिकों पर लगाए गए आरोपों पर चीन ने सख्त नाराजगी जताई है। बीजिंग ने शुक्रवार को वाशिंगटन पर ‘तथ्य गढ़ने’ का आरोप लगाया। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हम अमेरिका से अनुरोध करते हैं कि वह साइबर सुरक्षा के मुद्दे पर चीन को लेकर गलत आरोप लगाना बंद करें। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘अमेरिका का यह कदम अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को नियंत्रित करने वाले नियमों का गंभीर उल्लंघन है और यह दोनों देशों के लिए गंभीर रूप से हानिकारक है।’ हुआ ने साइबर सुरक्षा मुद्दे पर चीन के खिलाफ लगाए अमेरिकी आरोपों को बेबुनियाद बताया।
खतरनाक है चीन की मंशा
अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने इस संबंध में कहा, हमारी जांच में पाया गया है कि यह मामला बेहद गंभीर है और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके जरिए हमारे देश के आर्थिक तंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। चीन चाहता है कि वह अमेरिका को हटाकर दुनिया के शीर्ष पर खुद को स्थापित कर ले। यह खतरनाक मंशा है।