कांगो के पूर्वोत्तर हिस्से में सशस्त्र समूह के हमले में 55 नागरिकों की मौत हो गई। इनमें अधिकांश विस्थापित लोगों को निशाना बनाया गया। स्थानीय अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
दशकों से कांगो में संघर्ष जारी है। पूर्वी हिस्से में हिंसा बढ़ी है। इस क्षेत्र में 120 से अधिक सशस्त्र समूह संघर्ष में शामिल हैं, जिनमें से अधिकतर जमीन और कीमती खनिजों की खदानों पर नियंत्रण पाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। जबकि कुछ अपने समुदायों की रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं।
सशस्त्र समूह कोडेको के लड़ाकों ने सोमवार की रात इटुरी प्रांत के जाइबा गांव पर हमला किया। यह विस्थापितों का घर भी है। शिविर की नेता एंटोइनटेट नजाले ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि हमले में 55 नागरिकों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई घर जलकर नष्ट हो गए। शवों की तलाश जारी है।
कोडेको कांगो के लेंदू समुदाय के किसानों के सशस्त्र समूहों का एक अस्थायी गठबंधन है। अफ्रीकी आतंकवाद अनुसंधान केंद्र ने बताया कि इस समूह के हमलों में 2022 तक करीब 1,800 लोग मारे गए और 500 से अधिक घायल हो गए। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि कुछ हमले 'युद्ध अपराध' और 'मानवता के खिलाफ अपराध' की श्रेणी में हो सकते हैं।
नजाले ने कहा, करीब पूरा गांव हमले का का शिकार हो गया। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों और कांगो सरकार की सेना ने हस्तक्षेप किया, लेकिन हमलावरों की तादाद अधिक होने के कारण वे नियंत्रित नहीं कर पाए। बैहेमा बेजेरे जिले के प्रमुख जीन रिचर्ड लेंगा ने हमला होने की पुष्टि की और कहा कि 55 लोग मारे गए। उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि शवों की तलाश जारी है।
जााइबा के निवासी मुम्बेरे डेविड ने बताया कि अधिकांश पीड़ित विस्थापित हैं, जिन्हें कुल्हाड़ी और बंदूकों से मारा गया। कोडेको के लडाकों के सितंबर में डजूगु में 20 नागरिकों मार डाला था। यह उसी क्षेत्र में हुआ था, जहां सोमवार की रात हमला हुआ है।