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फ्रांस में लूटपाट से हड़कंप: पीएम ने दिए सीमित कर्फ्यू के निर्देश, राष्ट्रपति ने गृह मंत्री का इस्तीफा ठुकराया

Mon, 19 Oct 2026 05:01 PM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

फ्रांस में हिंसा और लूटपाट रोकने के लिए प्रधानमंत्री ने संवेदनशील इलाकों में सीमित कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिए हैं, जबकि राष्ट्रपति मैक्रों ने पुलिस की चूकों की जांच और सुरक्षा रणनीति में बदलाव के बीच गृह मंत्री का इस्तीफा ठुकरा दिया है।

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राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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फ्रांस में हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाओं ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हालात संभालने के लिए प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने शहरों के संवेदनशील इलाकों में जरूरत के मुताबिक सीमित समय के लिए कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि कर्फ्यू ऐसे इलाकों में ही लगाया जाए, जहां हिंसा फैलने का खतरा ज्यादा है।  

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'हिंसा के बावजूद किसी की जान नहीं गई'
प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने शनिवार को हुई हिंसा और बड़े पैमाने पर संपत्ति को हुए नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इतनी गंभीर हिंसा के बावजूद किसी की जान नहीं गई, यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने हिंसक भीड़ का सामना कर रहे पुलिसकर्मियों के काम का भी बचाव किया।

गृह मंत्री ने दिया इस्तीफा, मैक्रों ने रोका
फ्रांस के कई बड़े शहरों में हिंसा और दुकानों में लूटपाट के बाद गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, मौजूदा हालात में पुलिस और सुरक्षा बलों की कमान संभालने के लिए गृह मंत्री का पद पर बने रहना जरूरी है। राष्ट्रपति मैक्रों ने गृह मंत्री को हिंसा से पहले तैयारियों और खुफिया जानकारी जुटाने में हुई चूकों की पूरी जांच करने को कहा है। साथ ही, पुलिस की कार्यशैली में जल्द बदलाव लाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि हिंसक भीड़ से बेहतर तरीके से निपटा जा सके। 
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पेरिस से मार्सेई तक आगजनी और लूटपाट
रविवार शाम पेरिस, लियोन और मार्सेई समेत कई शहरों में उपद्रवियों ने कूड़ेदानों, साइकिलों और दूसरी चीजों में आग लगा दी। कई दुकानों में लूटपाट भी हुई। इससे एक दिन पहले शनिवार को महंगाई और स्कूलों की खराब हालत के खिलाफ हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, देशभर में कम से कम 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

कई शहरों में पुलिस से भिड़े उपद्रवी
अधिकारियों का कहना है कि सैकड़ों लोगों के समूहों ने पुलिस से भिड़ने के साथ ही नगर भवनों और दूसरे सरकारी दफ्तरों को भी निशाना बनाया। गृह मंत्री नुनेज ने माना कि शनिवार को कुछ बड़े शहरों में हालात प्रशासन के हाथ से निकल गए थे। उन्होंने कहा कि सैकड़ों दुकानों में लूटपाट हुई और अब यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

'हिंसा का पहले से अंदाजा लगाना जरूरी'
नुनेज ने सोमवार को फ्रांस इंटर रेडियो से बातचीत में कहा कि उन्होंने जो कुछ हुआ, उसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की थी। उन्होंने माना कि इस तरह की भीड़ के जुटने और हिंसा फैलने का पहले से बेहतर अंदाजा लगाने की जरूरत है। गृह मंत्री ने हिंसा के लिए उपद्रवियों, लुटेरों और वामपंथी कट्टरपंथी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यह भी माना कि तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने वाले समूहों से निपटने के लिए पुलिस की रणनीति बदलनी होगी।

लिमोज में ऐतिहासिक सिटी हॉल आग की चपेट में
हिंसा के दौरान मध्य फ्रांस के लिमोज शहर में 19वीं सदी की सिटी हॉल इमारत में भीषण आग लग गई। आग के कारण इमारत की छत ढह गई और ऐतिहासिक भवन को भारी नुकसान पहुंचा। इस घटना ने हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की गंभीरता को उजागर किया।

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मार्सेई में प्रदर्शनों और जमावड़े पर रोक
मार्सेई में प्रशासन ने सोमवार को दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक विरोध प्रदर्शन और दूसरे सार्वजनिक जमावड़ों पर प्रतिबंध लगा दिया। सरकार अब संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगाने, पुलिस की रणनीति बदलने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के जरिए हालात पर काबू पाने की कोशिश कर रही है

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