संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि का बयान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
भारत ने पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को भी उजागर किया
राजदूत हरीश विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा, महिला शांति सैनिक 'शांति की दूत' हैं। उन्होंने देश की नीतियों को स्पष्ट करने के साथ-साथ पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को भी उजागर किया। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत ने कहा, 'दुर्भाग्यवश, हर साल हमें अपने देश के खिलाफ पाकिस्तान की भ्रामक आलोचना सुनने को मिलती है, खासकर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर। लालच के कारण उनकी नजर इस भारतीय क्षेत्र पर है।
54 साल पहले पाकिस्तान में चार लाख महिलाओं के साथ क्या हुआ?
पी हरीश ने पाकिस्तान की अशांति, हिंसा और आतंकवाद को भी दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा, 'जो देश जो अपने ही लोगों पर बमबारी करता है, व्यवस्थित नरसंहार करता है, वह केवल गुमराह करने और अतिशयोक्ति से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश कर सकता है। भारतीय राजदूत ने कहा, 'यह वही देश है जिसने वर्ष 1971 में ऑपरेशन सर्चलाइट चलाया था और उस देश की सेना ने 4,00,000 महिला नागरिकों के नरसंहार जैसे सामूहिक दुष्कर्म के व्यवस्थित अभियान को मंजूरी दी थी। आज दुनिया पाकिस्तान के दुष्प्रचार को समझती है।'