नाइट शिफ्ट में काम करने से कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग, श्वास संबंधी एवं तंत्रिका तंत्र संबंधी बीमारियां होने के साथ-साथ इससे आपके डीएनए को भी नुकसान पहुंच सकता है। एनस्थेशिया एकेडमिक जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, रात्रि में काम करने वालों में डीएनए मरम्मत करने वाला जीन अपनी गति से काम नहीं कर पाता और नींद की ज्यादा कमी होने पर यह स्थिति और बिगड़ती जाती है। शोध में पाया गया है कि जो व्यक्ति रात भर काम करते हैं, उनमें डीएनए क्षय का खतरा रात में काम नहीं करने वालों के मुकाबले 30 फीसदी अधिक होता है।