अमेरिका ने भारत द्वारा 118 मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध लगाने के कदम का खुले तौर पर समर्थन करते हुए सभी आजादी पसंद देशों और कंपनियों को स्वच्छ नेटवर्क में शामिल होने का आव्हान किया है। भारत पहले ही 100 से ज्यादा चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगा चुका है। करीब दो माह पूर्व भारत पूर्वी लद्दाख में चीन से चल रहे सैन्य गतिरोध के चलते 59 चीनी एप्स पर भी रोक लगा चुका है।
अमेरिकी उपमंत्री ने अन्य देशों को स्वच्छ नेटवर्क में शरीक होने की भी की अपील
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने आर्थिक विकास और ऊर्जा व पर्यावरण के लिए विदेश उपमंत्री कीथ क्रैच के हवाले से कहा, हम भारत की इन कोशिशों का स्वागत करते हैं। उन्होंने अन्य देशों को भारत का उदाहरण देते हुए स्वच्छ नेटवर्क में शरीक होने की अपील भी की। क्रैच की टिप्पणी भारत द्वारा 118 और मोबाइल एप को प्रतिबंधित करने के बाद आई है।
अमेरिकी सरकार ने कहा है कि ये एप्स भारत की संप्रभुता, अखंडता, रक्षा व सुरक्षा के लिए पूर्वाग्रह से भरी थी हुई
सरकार ने कहा है कि ये ऐसे एप्स हैं उन गतिविधियों में जुटे हुए हैं जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, रक्षा व सुरक्षा के साथ सार्वजनिक व्यवस्था के लिए पूर्वाग्रह से भरी हुई हैं। बता दें कि इस साल के प्रारंभ में ट्रंप प्रशासन ने स्वच्छ नेटवर्क कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जो कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी जैसे घातक संगठनों के आक्रामक घुसपैठ से अपने नागरिकों की गोपनीयता और उसकी कंपनियों की सबसे संवेदनशील जानकारी की रक्षा करने के लिए एक व्यापक पहल थी।