अमेरिका के मिनियापोलिस में अश्वेत अमेरिकी की मौत के बाद कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है और हिंसा की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे में सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर हैं और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग को डर है कि भीड़ से कोरोना की दूसरी लहर आ सकती है।
अटलांटा के मेयर किशा लांस ने कहा कि अगर आप विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे तो अगले हफ्ते आपको कोविड-19 टेस्ट जरूर कराना होगा। अमेरिका में कोरोना महामारी अभी भी बरकरार है जो अश्वेत और ब्राउन लोगों को ज्यादा संख्या में मार रही है।
स्पेन्स इंग्राम जो कि प्रदर्शनकारियों के साथ विरोध में शामिल हैं, उनका कहना है कि यह सही नहीं है कि महामारी के बीच हम लोगों को ऐसा विरोध करना पड़ रहा है लेकिन अपने जीवन के लिए लड़ना पड़ेगा, हमेशा लड़ना पड़ेगा।
25 साल की इंग्राम को अस्थमा है, मास्क लगाकर प्रदर्शन में शामिल हुई हैं लेकिन वो कहती हैं कि एक अश्वेत महिला होने के नाते उनके जीवन पर हमेशा के लिए पुलिस का डर बना रहता है लेकिन उनके लिए विरोध करना जरूरी है।
जानकारों का मानना है कि प्रदर्शनकारियों के मास्क पहनने से उनका बचाव जरूरी नहीं है। अमेरिका में पहले ही कोरोना ने कोहराम मचाया हुआ है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में 17 लाख से भी ज्यादा लोग संक्रमित हैं और एक लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
न्यूयॉर्क में कोरोना से 21,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है लेकिन ब्रुकलीन में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की वैन पर पानी की बोतलें और टॉर्च फेंकी। पुलिस ने आंख जलाने वाला केमिकल फेंककर भीड़ को वहां से अलग किया।
अमेरिका के स्वास्थ्य कमिश्नर ने चेतावनी देते हुए बताया कि सैकड़ों की संख्या में भीड़ से कोरोना वायरस की एक और लहर आने की संभावना है। इधर यूरोपियन यूनियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ साझेदारी खत्म करने के फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए कहा है।
जर्मनी के विदेश मंत्री ने डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को गलत बताया है, उन्होंने कहा कि ट्रंप ने गलत समय पर गलत फैसला लिया है। चीन से फैलने वाले कोरोना वायरस ने दुनिया में तबाही मचा दी है लेकिन शनिवार को चीन में कोरोना के सिर्फ चार मामले सामने आए हैं।