युद्ध से तबाह देश अफगानिस्तान में नियुक्त संयुक्त राष्ट्र के एक उच्च अधिकारी के अनुसार पिछले कुछ हफ्तों में अफगानिस्तान में हुई भीषण हिंसा से यहां अविश्वास का माहौल पैदा हुआ है। इससे अफगान सरकार और तालिबान के बीच जल्द ही शुरू होने वाली शांति वार्ता खतरे में पड़ सकती हैं।
अफगानिस्तान में चल रही हिंसा का शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए इसी साल फरवरी में अमेरिका और आतंकी संगठन तालिबान के बीच एक समझौता हुआ था। अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष प्रतिनिधि देबोराह ल्योंस ने गुरुवार को यूएन सुरक्षा परिषद में एक ब्रीफिंग में कहा कि अफगान सरकार और तालिबान आपस में बातचीत की तैयारी कर रहे हैं।
वास्तव में यह एक ऐतिहासिक क्षण है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकी संगठन ने बातचीत शुरू होने से पहले ही कैदियों की रिहाई जैसे मुद्दे उठाकर इसे उलझाने की कोशिश की, इसलिए यह एक लंबी और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया हो सकती है।