संयुक्त राष्ट्र में भारतीय जगजीत पवाड़िया को इंटरनेशनल नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड (आईएनसीबी) का एक बार फिर सदस्य चुना गया है। पवाड़िया ने अपनी प्रतिद्वंदी चीन की हाओ वेई को हराया है। उन्होंने रिकॉर्ड वोट से ये जीत हासिल की।
मंगलवार को 54 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद के पांच सदस्यों के चुनाव के लिए वोटिंग हुई। इन पदों पर 15 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। जगजीत पवाड़िया के पक्ष में पहले राउंड की वोटिंग में 44 वोट पड़े।
इस बात की जानकरी संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत सैय्यद अकबरुद्दीन ने दी है। जीत हासिल करने के बाद जगजीत पवाड़िया ने आईएनसीबी में दोबारा चुने जाने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने अपनी सेवाएं निष्पक्ष रूप से दिए जाने का वादा भी किया।
चीन ने की लॉबिंग करने की कोशिश
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यहां चीन ने अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए विकासशील देशों के साथ लॉबिंग करने की कोशिश भी की थी। लेकिन बावजूद इसके उसे हार का सामना करना पड़ा। चीनी उम्मीदवार को पहले राउंड में महज 22 वोट मिले। और दूसरे राउंड में 19 वोट।
वहीं पहले राउंड में केवल मोरक्को और परागुआ के प्रत्याशियों को ही 28 से ज्यादा वोट मिले। मोरक्को के जल्लाल तौफीक को 32 जबकि परागुआ के केसर टॉमस अर्स को 31 वोट मिले। कोलंबो और फ्रांस के उम्मीदवार अगले राउंड की वोटिंग के बाद चुनाव जीतने में सफल हुए।
जगजीत पवाड़िया का कार्यकाल पांच साल का होगा। उनका कार्यकाल अगले साल 2 मार्च, 2020 से शुरू होकर 2025 तक चलेगा। इससे पहले 2014 में वह आईएनसीबी के लिए चुनी गई थीं। इसके बाद वो 2016 में आईएनसीबी की उपाध्यक्ष, 2015 और 2017 में स्टैंडिंग कमेटी ऑन इस्टीमेट्स की अध्यक्ष भी बनीं। बता दें पवाड़िया भारत की पूर्व नारकोटिक्स कमिश्नर और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की अधिकारी हैं।
यहां मैदान में उतरेंगे रमेश चंद्र
भारत की ओर से फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन के डायरेक्ट जनरल पद के लिए नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र को उतारा गया है। अगले साल इस ऑर्गेनाइजशन की कॉन्फ्रेंस के दौरान रोम में चुनाव होगा। रमेश चंद्र के खिलाफ मैदान में चार लोग उतरे हैं। फिलहाल फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन के डायरेक्टर जनरल जोस ग्रैजियानो डा सिल्वा हैं। रमेश चंद्र जीत हासिल करने के बाद उनका स्थान ले सकते हैं।