पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को करोड़ों का चूना लगाकर विदेश भागे हीरा कारोबारी नीरव मोदी बुधवार को लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में तीसरी बार जमानत अर्जी दाखिल करेगा। उसकी याचिका दो बार खारिज हो चुकी है। हालांकि नीरव अदालत में पेश होगा या फिर वीडियो के जरिए सुनवाई में शामिल होगा, इस बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। फिलहाल वह साउथ वेस्ट लंदन की वांड्यवर्थ जेल में बंद है। वो मार्च में गिरफ्तार हुआ था।
भारत की ओर से नीरव के प्रत्यर्पण मामले में पैरवी कर रहे क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के प्रवक्ता ने बताया कि नीरव नए सबूतों के आधार पर परिस्थितियों में बदलाव की दलील दे रहा है। जब वो जज को इस बात का यकीन दिलाएगा तभी उसे जमानत अर्जी दाखिल करने की अनुमति मिलेगी।
इससे पहले 29 मार्च को हुई सुनवाई में नीरव के वकीलों ने 10 लाख पाउंड की जमानत और इलेक्ट्रॉनिक टैग के जरिए नीरव की गतिविधियों पर नजर रखने की बात रखी थी। जिसपर जज ने कहा था कि ये धोखाधड़ी का बड़ा मामला है, जिससे भारतीय बैंक को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा था कि मैं इस बात से संतुष्ट नहीं हूं कि सशर्त जमानत से भारत सरकार की चिंताएं खत्म हो जाएंगी।
माना जा रहा है कि सीपीएस टीम के वकील निक हर्न इस तीसरी याचिका का भी उसी आधार पर विरोध करेंगे, जिस आधार पर पिछली अर्जी खारिज की गई थी। दूसरी बार अर्जी खारिज होने के बाद 26 अप्रैल को नीरव की वीडियो लिंक के जरिए सुनवाई हुई थी। पहली बार अर्जी 19 मार्च को खारिज हुई थी। वह गिरफ्तारी के बाद पहली बार इसी दिन अदालत में पेश हुआ था।