नेपाल में अब बायोगैस और ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम होने की उम्मीद बढ़ गई है। संयुक्त अरब अमीरात इसके लिए नेपाल को एक अरब 13 करोड़ रुपए की मदद देने जा रहा है। यूएई के साथ इस करार के बाद नेपाल अब अपनी 69 नगरपालिकाओं में बायोगैस संयंत्र लगाने जा रहा है।
यह जानकारी नेपाल के ऊर्जा मंत्री बर्षमान पुन ने आबु धाबी में इंटरनेशनल रिन्युएबल एनर्जी एजेंसी (इरेना) की बैठक से लौटने के बाद दी। पुन ने बताया कि यूएई की इस मदद से नेपाल को रीन्यूएबल एनर्जी और बायोगैस के क्षेत्र को और बेहतर बनाने में काफी फायदा होगा।
यूएई में नेपाल के राजदूत कृष्ण प्रसाद ढकाल ने बताया कि आबुधाबी फंड से नेपाल को विकास के लिए पहली बार यह मदद मिली है।
हिमालय की तराई में बसे देश नेपाल के लिए रिन्युएबल एनर्जी के क्षेत्र में यह मदद काफी मायने रखती है। खासकर इससे पूरे क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या को कम करने और लो कार्बन सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में काफी फायदा होगा।
मूल बात ये है कि नेपाल इस राशि को बेहतर तरीके से खर्च करे और पर्यावरण के क्षेत्र में अपनी कोशिशों को ऊर्जा के क्षेत्र में ही केंद्रित कर सके।