केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन श्रीलंका की चार दिवसीय यात्रा पर गुरुवार को जाफना पहुंचे और इस दौरान वह राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यात्रा के दौरान मुरुगन जाफना सांस्कृतिक केंद्र, श्रीलंका के लोगों को समर्पित करेंगे, जिसकी आधारशिला 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। भारतीय उच्चायोग ने जानकारी दी कि मंत्री का जाफना पहुंचने पर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। उन्होंने जाफना के सार्वजनिक पुस्तकालय में इंडिया कॉर्नर पर पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित की।
भारतीय उच्चायोग ने कहा, मुरुगन ने राज्यपाल जीवन त्यागराजा से मुलाकात की और विकास साझेदारी में जाफना और क्षेत्र को भारत द्वारा दिए जाने वाले महत्व का जिक्र किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत, प्रधानमंत्री मोदी की 'पड़ोसी पहले' नीति (नेबर्स फर्स्ट पॉलिसी) के तहत इसी भावना से निर्देशित होता रहेगा।
उच्चायोग ने एक ट्वीट में कहा, श्रीलंका के लोगों के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रदर्शन। मुरुगन ने जाफना में 250 जरूरतमंद परिवारों को सूखा राशन सौंपा। जाफना सांस्कृतिक केंद्र भारत-श्रीलंका विकास साझेदारी का एक शानदार उदाहरण है। यह कल्पना मुख्य रूप से उत्तरी प्रांत के लोगों के लिए सांस्कृतिक बुनियादी ढांचे का विस्तार करने के उद्देश्य से एक सुलह परियोजना के रूप में की गई थी।
बयान में कहा गया है, इस अत्याधुनिक केंद्र में कई सुविधाएं हैं जैसे कि एक संग्रहालय, एक उन्नत थिएटर-शैली का सभागार जिसमें 600 से ज्यादा लोग आ बैठ सकते है, एक 11 मंजिला एजुकेशन टॉवर और एक सार्वजनिक चौक जो एम्फीथिएटर के रूप में भी दोगुना हो सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि वह चार दिवसीय यात्रा पर हैं और 12 फरवरी को रवाना होने से पहले राष्ट्रपति विक्रमसिंघे से मुलाकात करेंगे। उच्चायोग ने कहा, मंत्री श्रीलंका में भारत की जन-केंद्रित विकास साझेदारी के पैमाने और सीमा को रेखांकित करने वाले विभिन्न स्थलों का भी दौरा करेंगे और नेताओं और हितधारकों के एक क्रॉस-सेक्शन के साथ बातचीत भी करेंगे।