जिनेवा शिखर सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) वॉच के कार्यकारी निदेशक ने अलग-अलग कारणों से रूस, चीन और पाकिस्तान को मानवाधिकार परिषद से बाहर करने का अनुरोध किया है।
संयुक्त राष्ट्र वाच के कार्यकारी निदेशक हिलेल न्यूअर ने बुधवार को मानवाधिकारों और लोकतंत्र के लिए 2022 जिनेवा शिखर सम्मेलन से अनुरोध किया कि रूस, चीन और पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से बाहर कर दिया जाए। न्यूअर ने रूस को निकालने के लिए यूक्रेन पर हमला, चीन के लिए मानवाधिकारों का उल्लंघन और पाकिस्तान के लिए आतंकवाद को वजह बताया है।
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14वें जिनेवा शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए न्यूअर ने कहा, 'हम आज एक असाधारण क्षण में मुलाकात कर रहे हैं। यह इतिहास में केवल दूसरी बार है जब यूएनएससी के सदस्यों को कल (गुरुवार) परिषद से निकाला जा सकता है। अमेरिका ने एलान किया है कि हम यूक्रेन व अन्य यूरोपीय देशों के साथ मिलकर काम करेंगे और रूस को मानवाधिकार परिषद से बाहर निकालने का आह्वान करेंगे।'
न्यूअर ने कहा कि जिनेवा शिखर सम्मेलन में हम शोषितों को सशक्त करते हैं, जो अपने लोगों के लिए अपनी स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा के नाम पर आवाज उठाने की हिम्मत करते हैं। उन्होंने दावा किया कि रूस को मानवाधिकार परिषद से बाहर किया जाना तय है। क्योंकि, केवल कुछ सदस्य ही इसके खिलाफ मतदान करेंगे और इसके लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत पाने के लिए मतदान न करने वालों को गिना नहीं जाएगा।
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यूक्रेन में कीव के पास स्थित बूचा में रूसी सैनिकों की ओर से की गई भीषण निर्ममता की जानकारी सामने आने के बाद रूस को मानवाधिकार परिषद से बाहर करने की मांग ने जोर पकड़ा है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी इसे लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कड़ी निंदा की है और उनके खिलाफ युद्ध अपराध का मामला चलाने की मांग की है। लेकिन, रूस ने बूचा में हिंसा के आरोप खारिज किए हैं।