महासचिव की विशेष दूत क्रिस्टीन श्रानेर बर्गनर
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म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद लगातार सेना और नागरिकों के बीच भीषण संघर्ष जारी है। रोज सेना की गोलियों से कई लोगों की मौत हो रही है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव की विशेष दूत क्रिस्टीन श्रानेर बर्गनर ने म्यांमार में चल रही हिंसा की निंदा की।
उन्होंने बयान में कहा कि म्यांमार में हत्याओं, प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार और कैदियों की यातनाओं के बारे में व्यक्तिगत रूप से सुना है।
आगे कहा कि चिकित्सा से जुड़े कर्मियों के खिलाफ और सार्वजनजिक चीजों के नष्ट करने को लेकर चल रही क्रूरता, शांति और स्थिरता के लिए किसी भी संभावना को गंभीर रूप से कम करती है।
साथ ही कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय सहित क्षेत्रीय अभिनेताओं को म्यांमार के लोगों और उनकी लोकतांत्रिक आकांक्षाओं के लिए एक साथ आना चाहिए। बर्गनर क्षेत्रीय नेताओं और सुरक्षा परिषद के सदस्यों के साथ संपर्क में हैं जो म्यांमार के हालातों को सही करने का प्रयास कर रहे हैं।
म्यांमार की राजधानी यंगून व अन्य शहरों में रविवार को प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षाकर्मियों ने गोलियां चलाईं। म्यांमार के सरकारी टीवी ने हेलिंगथया में सैन्य तानाशाही की तरफ से मार्शल लॉ लागू करने की जानकारी दी है। इससे पहले शनिवार को भी सुरक्षाबलों ने गोलियां चलाकर 13 प्रदर्शनकारियों को मार दिया था।
देश में सेना द्वारा सत्ता कब्जाने के बाद छह हफ्ते से जारी प्रदर्शनों में अब तक 100 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि पॉलीटिकल प्रिजनर्स एडवोकेसी ग्रुप के मुताबिक, 2100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। सोमवार को म्यांमार की सबसे लोकप्रिय नेता सू की को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।