संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
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विश्व निकाय के महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा, कश्मीर में ऐसी स्थिति है, जिसमें मानवाधिकारों का सम्मान किया जाता है तथा जिसमें लोग शांति एवं सुरक्षा के साथ रह सकते हैं। भारत हमेशा से कश्मीर मुद्दे पर किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को खारिज करता रहा है।
महासचिव गुटेरस ने कहा, संयुक्त राष्ट्र का रुख और इस बारे में लिए गए संकल्प एक समान हैं। वहां संयुक्त राष्ट्र का एक शांति रक्षक अभियान मौजूद है और हम बेशक प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, मैंने कई बार अपनी ओर से सहयोग की पेशकश की है और हमें उम्मीद है कि यह कुछ ऐसी चीज है, जिसका शांतिपूर्ण तरीके से समाधान किया जा सकता है।
गुटेरस यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल का जवाब दे रहे थे। इससे पहले अगस्त 2019 में भी गुटेरस एक बयान में, भारत-पाक के बीच 1972 के द्विपक्षीय शिमला समझौते को याद कर चुके हैं। यह समझौता तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाक हुक्मरान जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच किया गया जिसमें कश्मीर मुद्दे पर किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को खारिज किया गया है।
गुटेरेस ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर भारत का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है। भारत इस मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष को नहीं चाहता है। उसका मानना है कि दोनों ही देश आपस में इस विवाद को सुलझा सकते हैं। गुटेरेस ने अगस्त 1972 में हुए शिमला समझौते को याद करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समझौता हुआ है, यह समझौता कश्मीर मुद्दे पर किसी भी तीसरे पक्ष को खारिज करता है।