इस साल दुनियाभर में बेरोजगारी बढ़ेगी। 20 लाख से अधिक लोगों के पास काम नहीं होगा। संयुक्त राष्ट्र की श्रम एजेंसी अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के मुताबिक, बेरोजगारी और रोजगार परक कामकाज में मौजूदा खाई की दर वैश्विक महामारी से पूर्व के स्तर से कुछ कम हुई है, लेकिन इसके बावजूद वैश्विक बेरोजगारी दर के बढ़ने की आशंका है।
आईएलओ ने कहा, 2023 में अधिकांश जी-20 देशों में वास्तविक मजदूरी में गिरावट आई है, क्योंकि वेतन वृद्धि महंगाई के साथ तालमेल नहीं बिठा पाई। ऐसे में वैश्विक बेरोजगारी दर 5.1% से बढ़कर इस साल 5.2% पर पहुंचने का अनुमान है। साल 2022 में वैश्विक बेरोजगारी दर 5.3 प्रतिशत थी जो कि पिछले साल थोड़ी बेहतर होकर 5.1 प्रतिशत हो गई। इसके अलावा 2023 में वैश्विक स्तर पर रोजगार परक कामकाज में खाई और श्रमिक बाजार में भागीदारी की दर भी कुछ बेहतर हुई है।
श्रम बाजार में बढ़ा असंतुलन
आईएलओ ने कहा कि बढ़ती असमानताएं और सुस्त उत्पादकता चिंता के कारण हैं। अध्ययन में ताजा श्रम बाजार रुझानों का आकलन किया गया है। इसमें बेरोजगारी, रोजगार सृजन, श्रम बल की भागीदारी और काम के घंटे शामिल हैं, फिर उन्हें उनके सामाजिक नतीजों से जोड़ा जाता है।
चीन, रूस और मेक्सिको में गत वर्ष दिखी सकारात्मक वेतन वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार चीन, रूस व मेक्सिको ने 2023 में सकारात्मक वास्तविक वेतन वृद्धि दिखी। जी-20 के अन्य देशों में वास्तविक मजदूरी में गिरावट आई। ब्राजील (6.9%), इटली (5%) व इंडोनेशिया (3.5%) में सबसे तेज गिरावट देखी गई।